

Car Engine Overheating: भारत जैसा देश जहां तेज गर्मी पड़ती है, ऐसे में कार चलाना काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। यह सफर चालक के साथ गाड़ी के इंजन के लिए भी एक बड़ी चुनौती होता है क्योंकि चिलचिलाती धूप, लंबा ट्रैफिक और लगातार ड्राइविंग की वजह से कार का इंजन तेजी से गर्म होना शुरु कर देता है। ऐसे में कई बार आपकी कार आपको पहले ही बताना शुरू कर देती है कि आपकी कार में परेशानी आ रही है लेकिन इसको लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही गलती बाद में बड़े इंजन डैमेज और भारी रिपेयर बिल को खड़ा करती है। विशेषज्ञ इसको लेकर कहते है कि अगर समय रहते ओवरहीटिंग के संकेत को पहचाना जाए तो लाखों रुपये के नुकसान को बचाया जा सकता है।
अक्सर देखा गया है कि लोग गाड़ी को तब तक चलाते रहते हैं जब तक बोनट से धुआं नहीं निकलना लगता, लेकिन कार इससे पहले ही कई चेतावनी देती है जिसको जानना जरूरी है: ड्राइविंग के दौरान टेम्परेचर मीटर तेजी से ऊपर जाना इंजन के सामान्य से ज्यादा गर्म होने का सकेंत है
इन संकेतों को लगातार नजरअंदाज करने पर हेड गैस्केट, रेडिएटर और इंजन के अन्य महंगे पार्ट्स खराब हो सकते हैं। जो की आपके लिए एक बड़ा खर्चा पैदा करते है।
वहीं कभी भी आपकों लगे कि कार ओवरहीट हो रही है तो सबसे पहले सुरक्षित जगह पर गाड़ी को रोके और इंजन बंद करके उसे कुछ देर ठंडा होने दें। ऐसा भी देखा गया है कि कई लोग जल्दबाजी में गर्म इंजन पर पानी डाल देते हैं जो उसके लिए नुकसानदायक हो सकता है। गाड़ी को खड़ा रखने पर इंजन थोड़ा ठंडा होने के बाद कूलेंट लेवल जरूर चेक करें और जरूरत पड़ने पर सही कूलेंट डालें। वहीं इस कारण से समस्या ज्यादा लगे तो तुरंत मैकेनिक से संपर्क करें।
सलाह दी जाती है कि गर्मियों में रेडिएटर, कूलिंग फैन और इंजन ऑयल की नियमित जांच करने से खतरे को रोका जा सकता है। ऐसे में लंबे सफर पर निकलते समय अतिरिक्त कूलेंट और पानी साथ रखना भी फायदेमंद माना जाता है। ऐसे में अगर आपकी कार भी बार-बार ओवरहीट होती है तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें क्योंकि समय पर सर्विस और थोड़ी सावधानी आपकी कार की परफॉर्मेंस को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकती है।