

Women Office Travel: हर दिन ऑफिस जाने वाली महिलाओं के सामने एक आम सवाल तो जरूर होता है कि अपनी कार खरीदें या रोज कैब से सफर करें? वैसे तो पहली नजर में अपनी कार ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित विकल्प लग सकती है लेकिन कार खरीदने के बाद EMI, ईंधन, इंश्योरेंस, सर्विस और पार्किंग जैसे खर्च भी जुड़ जाते हैं। वहीं कैब में इन खर्चों की चिंता नहीं होती लेकिन रोजाना किराया लंबे समय में जेब पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में सही विकल्प आपकी जरूरत और बजट पर निर्भर करता है।
अगर आपका ऑफिस घर से ज्यादा दूर नहीं है और आप हफ्ते में कुछ दिन ही ऑफिस जाती हैं तो कैब एक व्यावहारिक विकल्प हो सकती है। क्योंकि इसमें कार की डाउन पेमेंट, EMI, इंश्योरेंस और मेंटेनेंस का खर्च नहीं उठाना पड़ता है। इसके अलावा ट्रैफिक में ड्राइविंग की थकान से भी राहत मिलती है। वहीं सुविधा कि बात करें तो आप कैब में सफर के दौरान फोन कॉल, ईमेल या दूसरे जरूरी काम भी निपटा सकती हैं। हालांकि पीक टाइम में बढ़ता किराया और ट्रैफिक के कारण लंबा सफर इसका खर्च कई बार बढ़ा भी देता है।
अगर ऑफिस आने-जाने के लिए आपको हर दिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और कैब का किराया लगातार ज्यादा आ रहा है तो आपके लिए अपनी कार लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसमें खासकर तब फायदा होता है जब कार का इस्तेमाल ऑफिस के अलावा खरीदारी, परिवार या वीकेंड ट्रिप के लिए भी किया जाता हो। लेकिन कार खरीदने से पहले सिर्फ EMI को देखकर फैसला न करें। इसमें आपको ईंधन, सर्विसिंग, टायर, इंश्योरेंस, पार्किंग और समय-समय पर होने वाले दूसरे खर्चों को भी मासिक बजट में जोड़ना होता है।
जैसा कि सभी को पता है कि महिलाओं के लिए सिर्फ खर्च ही फैसला लेने का आधार नहीं होना चाहिए। देर रात ऑफिस से लौटना, कैब की उपलब्धता, ड्राइविंग का अनुभव और अपने वाहन पर नियंत्रण जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में अपनी कार में रूट और समय को लेकर ज्यादा नियंत्रण रहता है। दूसरी ओर, कैब बुकिंग के दौरान ट्रिप शेयरिंग, ड्राइवर डिटेल और राइड ट्रैकिंग जैसे सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सलाह दी जाती है कि अगर आप रोज ऑफिस जाती हैं, लंबी दूरी तय करती हैं और कार का इस्तेमाल निजी कामों के लिए भी करेंगी तो कार खरीदना लंबे समय में बेहतर विकल्प हो सकता है। लेकिन वहीं कम दूरी, हाइब्रिड वर्किंग और सीमित बजट की स्थिति में कैब ज्यादा सुविधाजनक रह सकती है। इसमें सबसे सही तरीका है कि कार की कुल मासिक लागत की तुलना अपने मौजूदा कैब खर्च से करें। सिर्फ EMI सस्ती दिखने के आधार पर कार खरीदने का फैसला करना सही नहीं होगा।