कार के पेट्रोल टैंक पर चींटियों का हमला, E20 पेट्रोल को लेकर वायरल दावे ने बढ़ाई टेंशन, जानिए पूरा सच

E20 Petrol Tank Ants: सोशल मीडिया पर ऐसी खबर तेजी से वायरल हो रही है जिसने लाखों वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। बताया गया कि E20 पेट्रोल की वजह से कारों के फ्यूल टैंक पर चींटियों का हमला हो गया है।
Ants attack car petrol tank E20 Petrol Tank Ants
Car Fuel Tank Ants (Source. Reddit)
Published on
Updated on

Ants and Petrol: आपने देखा होगा कि सोशल मीडिया पर ऐसी खबर तेजी से वायरल हो रही है जिसने लाखों वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा ह कि E20 पेट्रोल की वजह से कारों के फ्यूल टैंक और फ्यूल कैप पर चींटियों के झुंड जमा हो रहे हैं। यह तस्वीर सिक्किम से सामने आई है जिसमें कार के फ्यूल कैप पर हजारों चींटियां दिखाई दीं रही है। इसको देखने के बाद इंटरनेट पर बहस शुरू हो गई कि क्या इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में मौजूद मिठास चींटियों को आकर्षित कर रही है?

क्या E20 पेट्रोल में होती है मिठास?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो और तस्वीर में लोग E20 पेट्रोल को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लेकिन इको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह दावा वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि इथेनॉल भले ही गन्ने और मक्के जैसी फसलों से बनाया जाता हो लेकिन निर्माण प्रक्रिया के दौरान उसमें मौजूद शुगर पूरी तरह खत्म हो जाती है। जो साफ करता है कि E20 पेट्रोल में किसी तरह की मिठास नहीं होती। जिसको देखते हुए एक्सपर्ट्स का कहना है कि चींटियों के फ्यूल कैप पर जमा होने की वजह नमी, गंदगी, मौसम में बढ़ी हुई आर्द्रता या वाहन की पार्किंग लोकेशन हो सकती है। लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं दिया गया है।

इथेनॉल से जुड़ी दूसरी चिंता जरूर है

वैसे देखा जाए तो चींटियों वाला दावा गलत हो सकता है लेकिन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर कुछ तकनीकी चुनौतियां सामने जरूर आई हैं। जिसको लेकर विशेषज्ञ बताते हैं कि इथेनॉल हवा से नमी को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह नमी समय के साथ पेट्रोल टैंक के निचले हिस्से में जमा हो सकती है। बताया गया है कि पुरानी गाड़ियों में खासकर जिनकी धातु की टंकियां हैं वहां जंग लगने और कुछ पुर्जों के खराब होने का खतरा बताया गया है। जिस कारण से सभी वाहन मालिकों को समय-समय पर अपनी गाड़ी की जांच करते रहने कि सलाह दी जा रही है।

माइलेज पर भी पड़ सकता है असर

इस कड़ी में वाहन चालकों की एक बड़ी शिकायत माइलेज को लेकर भी सामने आ रही है। जिसको देखते हुए विशेषज्ञ बताते है कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम होती है। ऐसे में कुछ वाहनों में माइलेज में गिरावट देखने को मिल सकती है। लेकिन इसका साफ असर वाहन मॉडल, इंजन तकनीक और ईंधन मिश्रण के स्तर पर भी निर्भर करता है।

E100 को लेकर क्यों हो रही चर्चा?

जैसा की आपको पता है कि हाल ही में E100 जो 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित ईंधन है उसको लेकर चर्चा तेज हो गई थी। लेकिन अभी के समय में सामान्य पेट्रोल वाहनों को सीधे E100 पर चलाने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है। इस तकनीक को लाने के लिए विशेष फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाले इंजन की आवश्यकता होगी। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हर जानकारी पर भरोसा करने के बजाय वाहन मालिकों को आधिकारिक और वैज्ञानिक जानकारी पर ध्यान देने पर काम होना चाहिए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com