पेट्रोल से सस्ता होगा नया ईंधन, 2027 तक देश में खुलेंगे 5,000 फ्लेक्स-फ्यूल स्टेशन, गडकरी ने बताया बड़ा प्लान

Flex Fuel Station: भारत में पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने और उससे बोझ को हटाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। आने वाले सालो में देशभर के अदंर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों दिखेगे।
5,000 Flex Fuel Station to Open in India by 2027 Gadkari
Flex Fuel Station (Source. Gemini)
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5000 Flex Fuel Station In India: भारत में पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने और उससे बोझ को हटाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। बताया जा रहा है कि आने वाले सालो में देशभर के अदंर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और एथेनॉल आधारित ईंधन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है। इसको लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की है कि सरकार इस साल के अंत तक लगभग 500 फ्लेक्स-फ्यूल स्टेशन शुरू करने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं दिसंबर 2027 तक इनकी संख्या बढ़ाकर करीब 5,000 करने का लक्ष्य रखा गया है।

दिल्ली, मुंबई समेत इन शहरों से होगी शुरुआत

सरकार की योजना के तहत जो जानकारी सामने आ रही है उसमें शुरुआती चरण के अदंर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे प्रमुख शहरों में 50 से 100 फ्लेक्स-फ्यूल स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और वह इसकी मांग और उपयोग के आधार पर देश के अन्य हिस्सों में भी इनका विस्तार होगा। जानकारी देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पहले E100 फ्यूल स्टेशन शुरू करने की कोशिश की गई थी लेकिन उस समय बाजार में उपयुक्त वाहन उपलब्ध नहीं थे। लेकिन अब कई ऑटोमोबाइल कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाले वाहन लॉन्च कर रही हैं जिसको देखते हुए इस पहल को आगे बढ़ाने का रास्ता दिख रहा है।

क्या है E85 फ्यूल और क्यों है खास?

जैसा की आप को पता है कि भारत पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण जिसको E20 भी कहते है का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर चुका है। जिसके बाद अब सरकार E85 फ्यूल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। जिस तरह के ईंधन में 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। बता दें कि सरकार की कोशिश है कि E85 को सामान्य पेट्रोल की तुलना में सस्ता रखा जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपने रोज के सफर के लिए अपना सके। वहीं सरकार का कहना है कि इससे वाहन चलाने की लागत कम होने के साथ पर्यावरण को भी फायदा मिल सकता है।

गडकरी बोले: तेल आयात कम करना जरूरी

इस पहल के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल को बढ़ावा देने का उद्देश्य केवल प्रदूषण कम करना नहीं है बल्कि देश के भारी-भरकम तेल आयात बिल को भी घटाना है। उन्होंने बताया कि भारत हर साल लगभग 22 से 23 लाख करोड़ रुपये फॉसिल फ्यूल के आयात पर खर्च करता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर तैयार एथेनॉल आधारित ईंधन का उपयोग बढ़ाना आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से फायदेमंद हो सकता है।

ऐसे में माना जा रहा है कि अगर सरकार की यह योजना सफल होती है तो आने वाले सालो में भारतीय वाहन मालिकों को सस्ता ईंधन मिलने के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हो सकती है। इसके अलावा देश में बढ़ते प्रदूषण खतरे को भी कम किया जा सकता है।

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