

Vastu Tips Before Buying Flat :आजकल शहरों में फ्लैट कल्चर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। चूंकि फ्लैट पहले से बने-बनाए मिल जाते हैं, लोगों के पास इतना समय नहीं है कि खुद का घर बना सके। इसलिए फ्लैट कल्चर को अपनाना बेहतर समझते है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फ्लैट की बनावट और उसमें रखी चीजों की दिशा आपके जीवन पर सीधा असर डालती है?
कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसी वास्तु गलतियाँ कर बैठते हैं, जो घर की सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देती है। अगर आप भी फ्लैट में रहते हैं, तो ये 5 वास्तु टिप्स आपके लिए बेहद खास है। आइए जानते है इन वास्तु टिप्स के बारें में -
अगर आप अपने लिए फ्लैट खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो सबसे पहले उसके मुख्य द्वार की दिशा का अवश्य ध्यान रखें क्योंकि मुख्य द्वार से ही सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार फ्लैट का मुख्य द्वार उत्तर, पूर्व या उत्तर—पूर्व दिशा में होना शुभ बताया गया है। अगर फ्लैट का मुख्य द्वार इन दिशाओं में नहीं है तो दरवाजे के बाहर स्वास्तिक या ॐ क चिन्ह जरूर बनाएं। ये चिन्ह घर में निगेटिविटी को प्रवेश करने से रोकते हैं।
जिस प्रकार मुख्य द्वार के लिए उत्तर, पूर्व या उत्तर—पूर्व दिशा शुभ बताया गया है।ठीक उसी प्रकार रसोई का सही दिशा दक्षिण पूर्व दिशा मानी गई है। अगर आपके फ्लैट में रसोई दक्षिण पूर्व दिशा में नहीं है तो रसोई में चूल्हा इस तरह रखें कि खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो।
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि, फ्लैट में मास्टर बेडरूम की सही दिशा दक्षिण-पश्चिम होनी चाहिए। इस दिशा में बना बेडरूम मानसिक शांति और रिश्तों में मधुरता लेकर आता है। यदि फ्लैट में मास्टर बेडरूम इस दिशा में नहीं है तो कुछ नियमों का पालन जरूर करें. जैसे सोते समय सिर हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखें।
आमतौर पर फ्लैट्स में टॉयलेट व वॉशरूम सही दिशा में नहीं बने होते, बल्कि जहां जगह हो वहीं बना दिए जाते हैं जिसकी वजह से वास्तु दोष उत्पन्न होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, टॉयलेट व वॉशरूम उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं होने चाहिए। यदि टॉयलेट गलत दिशा में है तो एक कांच की कटोरी में सेंधा नमक भरकर उसे वॉशरूम में रखें और 15 दिन में नमक को बदल दें ।
वास्तु शास्त्र के अनुसार फ्लैट में बालकनी या खिड़की उत्तर-पूर्व दिशा में होनी चाहिए। क्योंकि इस दिशा के जरिए सूर्य की किरणें और पॉजिटिविटी घर में प्रवेश करती हैं. अगर बालकनी दक्षिण या पश्चिम दिशा में है तो वहां अधिक से अधिक गमले लगाएं ताकि निगेटिव एनर्जी कम हो।वॉशरूम की सही दिशा
आमतौर पर फ्लैट्स में टॉयलेट व वॉशरूम सही दिशा में नहीं बने होते, बल्कि जहां जगह हो वहीं बना दिए जाते हैं जिसकी वजह से वास्तु दोष उत्पन्न होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, टॉयलेट व वॉशरूम उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं होने चाहिए। यदि टॉयलेट गलत दिशा में है तो एक कांच की कटोरी में सेंधा नमक भरकर उसे वॉशरूम में रखें और 15 दिन में नमक को बदल दें ।