1 से 7 नवंबर तक ग्रहों की चाल में बड़े बदलाव, रमा एकादशी, धनतेरस और नरक चतुर्दशी कब? जानें पूरा पंचांग

Planetary Changes: नवंबर 2026 का पहला सप्ताह धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास रहेगा। जानिए 1 से 7 नवंबर तक ग्रहों की चाल, रमा एकादशी, धनतेरस, धनवंतरी जयंती और छोटी दिवाली की तारीखें।
Weekly Grah Gochar 1 To 7 November 2026  Planetary Changes, Dhanteras,  and Chhoti Diwali Dates
1 से 7 नवंबर तक ग्रहों की चाल(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • नवंबर का पहला सप्ताह रहेगा खास, गुरु और शुक्र करेंगे राशि परिवर्तन

  • 1 से 7 नवंबर तक ग्रहों की चाल में बड़े बदलाव

  • नवंबर के पहले सप्ताह में बनेंगे खास ज्योतिषीय योग, गुरु का सिंह राशि में प्रवेश

  • धनतेरस और छोटी दिवाली के साथ शुरू होगा दीपोत्सव

Grah Gochar 1 To 7 November 2026: नवंबर 2026 का पहला सप्ताह धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान ग्रहों की चाल में कई बदलाव होंगे। गुरु, शुक्र और मंगल राशि परिवर्तन करेंगे, जबकि बुध अपनी वक्री चाल से मार्गी होंगे। सप्ताह में रमा एकादशी, धनतेरस, धनवंतरी जयंती और छोटी दिवाली जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे।

इस सप्ताह ऐसी रहेगी ग्रहों की स्थिति

1 से 7 नवंबर तक सूर्य तुला राशि में रहेंगे। मंगल कर्क राशि में संचरण करेंगे और 12 नवंबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। बुध तुला राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे और 14 नवंबर को मार्गी होंगे। गुरु 1 नवंबर को सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र तुला राशि में वक्री रहेंगे और 5 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। शनि मीन राशि में वक्री रहेंगे। राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे।

ग्रहों के राशि परिवर्तन का प्रभाव

इस सप्ताह गुरु और शुक्र के राशि परिवर्तन से ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्रहयोग बनेंगे। 1 नवंबर को गुरु कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं, 5 नवंबर को वक्री शुक्र तुला राशि से कन्या राशि में गोचर करेंगे। इन ग्रह परिवर्तनों का प्रभाव विभिन्न राशियों और उनसे जुड़े कार्यक्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है।

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बुध तुला राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे। इस सप्ताह बुध की चाल में बदलाव नहीं होगा, लेकिन 14 नवंबर को उनके मार्गी होने का समय नजदीक आएगा। मंगल कर्क राशि में रहेंगे और 12 नवंबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

सप्ताह के प्रमुख व्रत, त्योहार और जयंती

रविवार, 1 नवंबर – सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक भद्रा रहेगी। सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 10 बजकर 15 मिनट से प्रारंभ होगा। त्रिपुष्कर योग सूर्योदय से सुबह 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। अहोई अष्टमी (चंद्रोदय व्यापिनी), मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस।

सोमवार, 2 नवंबर – सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 8 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।

मंगलवार, 3 नवंबर – रात 1 बजकर 46 मिनट से भद्रा प्रारंभ होगी। सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से सुबह 7 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। गुरु हरराय पुण्य तिथि।

बुधवार, 4 नवंबर – भद्रा दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगी।

गुरुवार, 5 नवंबर – रमा एकादशी व्रत और गोवत्स द्वादशी।

शुक्रवार, 6 नवंबर – धनतेरस, धनवंतरी जयंती, यम दीपदान और प्रदोष व्रत।

शनिवार, 7 नवंबर – भद्रा सुबह 10 बजकर 22 मिनट से रात 10 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। शिव चतुर्दशी व्रत, नरक चतुर्दशी, रूप चौदस, श्री हनुमान प्रकटोत्सव (दक्षिण भारत) और यम दीपदान। इस दिन छोटी दिवाली भी मनाई जाएगी।

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धनतेरस और छोटी दिवाली का रहेगा विशेष महत्व

नवंबर के पहले सप्ताह में दीपोत्सव की शुरुआत होगी। 5 नवंबर को रमा एकादशी और गोवत्स द्वादशी के बाद 6 नवंबर को धनतेरस मनाई जाएगी। इस दिन भगवान धनवंतरी की पूजा और यम दीपदान का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

इसके अगले दिन 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली मनाई जाएगी। इस दिन रूप चौदस का भी विशेष महत्व रहेगा। दक्षिण भारत में इसी दिन श्री हनुमान प्रकटोत्सव मनाया जाएगा।

इस सप्ताह किन बातों का रखें ध्यान

1 से 7 नवंबर के बीच गुरु और शुक्र के राशि परिवर्तन के साथ दीपावली से जुड़े प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। धार्मिक कार्यों, पूजा और खरीदारी के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त देखना उचित रहेगा। भद्रा के समय को ध्यान में रखते हुए धार्मिक अनुष्ठान और अन्य मांगलिक कार्यों की योजना बनाएं।