

Grah Gochar 9 To 15 August 2026: हिंदू सनातन परंपरा में पंचांग, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व माना जाता है। 9 से 15 अगस्त 2026 तक का सप्ताह धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दौरान कई ग्रह अलग-अलग राशियों में गोचर करेंगे, जिसका प्रभाव व्यापार और बाजार की गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है।
इस हफ्ते सूर्य कर्क राशि में, मंगल मिथुन में, बुध कर्क में और गुरु कर्क राशि में स्थित रहेंगे। शुक्र कन्या राशि में रहेंगे, जबकि शनि वक्री अवस्था में मीन राशि में गोचर करेंगे। इसके अलावा राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा सप्ताह के अलग-अलग दिनों में मिथुन, कर्क, सिंह और कन्या राशियों से होकर गुजरेगा। ग्रहों के इस परिवर्तन को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्रहों की स्थिति का असर व्यापार और सराफा बाजार पर पड़ने की संभावना जताई गई है। 9 अगस्त, रविवार को गुरु के उदित होने के बाद चांदी, धान और सोने के भाव में नरमी देखने को मिल सकती है। ऐसे में कारोबारियों को बाजार की स्थिति देखकर ही बड़े फैसले लेने की सलाह दी गई है।
इसके बाद 11 अगस्त, मंगलवार को शुक्र के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने का प्रभाव बाजार पर पड़ सकता है। इस दौरान चांदी, रूई और चावल के भाव में मंदी का रुख रहने की संभावना है। वहीं सोने में सामान्य तेजी और गुड़-खांड के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हींग, लाख, चमड़ा, कपूर, पारा और अफीम से जुड़े बाजारों में भी नरमी का संकेत बताया गया है।
रविवार, 9 अगस्त को कामिका एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं।
सोमवार, 10 अगस्त को सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत भी रहेगा। यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। उज्जैन में इस अवसर पर भगवान महाकाल की प्रसिद्ध सवारी भी निकाली जाएगी।
मंगलवार, 11 अगस्त को मंगलागौरी व्रत और शिव चतुर्दशी का अवसर रहेगा। सावन के दौरान आने वाले इन धार्मिक पर्वों का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त इस दिन शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करते हैं।
बुधवार, 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी। इसी दिन जेडी दीप पूजा, हरेली तथा स्नान-दान और श्राद्ध से जुड़े धार्मिक कर्मकांड भी किए जाएंगे। सावन में आने वाली अमावस्या को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
शुक्रवार, 14 अगस्त को सिंघारा दोज का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाने की परंपरा है।
शनिवार, 15 अगस्त को स्वर्ण गौरी व्रत और प्रसिद्ध हरियाली तीज का पर्व रहेगा। इसी दिन मधुश्रुवा तीज तथा झूला उत्सव का शुभारंभ भी होगा। सावन के इस दौर में महिलाएं विशेष रूप से तीज पर्व से जुड़े पारंपरिक व्रत और पूजा-अनुष्ठान करती हैं।