यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

आबूधाबी शांति वार्ता को जेलेंस्की ने बताया 'सकारात्मक', लेकिन रूसी हमलों ने बढ़ाई तल्खी; जानें क्या हुआ!

Russia Ukraine Peace Talk: आबूधाबी में अमेरिका-रूस-यूक्रेन के बीच दो दिवसीय बातचीत सकारात्मक रही है। हालांकि, वार्ता के दौरान ही यूक्रेन पर हुए रूसी हमलों ने शांति प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिए।

अमन उपाध्याय

Russia Ukraine Abu Dhabi Talks:  यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को घोषणा की कि संयुक्त अरब अमीरात के आबूधाबी में रूस और अमेरिका के साथ हुई दो दिवसीय त्रिपक्षीय वार्ता सकारात्मक रही है।

यह पहली बार है जब ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने करीब चार साल से चल रहे इस युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ एक मेज पर बैठकर चर्चा की है।

युद्ध खत्म करने के 'पैरामीटर्स' पर चर्चा

जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में युद्ध को समाप्त करने के संभावित मापदंडों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिकी निगरानी और नियंत्रण की आवश्यकता है ताकि वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कौन-कौन हुए शामिल?

इस महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर शामिल हुए। यूक्रेन का प्रतिनिधित्व रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव और सैन्य खुफिया प्रमुख काइरिलो बुडानोव ने किया, जबकि रूस ने अपने सैन्य खुफिया और सेना के प्रतिनिधियों को भेजा था। सभी पक्षों ने बातचीत के हर पहलू की रिपोर्ट अपनी राजधानियों को देने और अगले कदमों पर समन्वय करने पर सहमति जताई है।

वार्ता की मेज पर रूसी मिसाइलों का प्रहार

एक तरफ जहां आबूधाबी में शांति की बात हो रही थी वहीं दूसरी तरफ रूस ने यूक्रेन के शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए। शनिवार तड़के हुए इन हमलों में राजधानी कीव और दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबीहा ने रूस के इस रुख की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पुतिन की मिसाइलों ने न केवल हमारे लोगों को निशाना बनाया बल्कि बातचीत की मेज पर भी प्रहार किया है।

अगले दौर की बातचीत जल्द

जेलेंस्की के अनुसार, सैन्य प्रतिनिधियों ने अगले संभावित बैठक के लिए मुद्दों की पहचान कर ली है, जो अगले सप्ताह की शुरुआत में ही आयोजित की जा सकती है। हालांकि, क्षेत्रीय विवाद अभी भी एक बड़ा रोड़ा बने हुए हैं। क्रेमलिन का स्पष्ट कहना है कि शांति के लिए यूक्रेन को उन पूर्वी क्षेत्रों से अपनी सेना हटानी होगी जिन्हें रूस ने अवैध रूप से अपना हिस्सा घोषित कर दिया है।

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