Russia Seeks 30K North Korean Troops: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने खुफिया रिपोर्टों के आधार पर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। जेलेंस्की का दावा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध के मैदान में लगातार हो रहे भारी नुकसान की भरपाई के लिए बड़े पैमाने पर 'नई लामबंदी' की जमीन तैयार कर रहे हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने संबोधन में यह आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि साल 2026 में अब तक रूस ने अपनी सेना में 2,21,000 लोगों को भर्ती किया है, लेकिन इसी अवधि में उसके 2,25,500 सैनिक हताहत हुए हैं।
इन आंकड़ों के अनुसार, मरने वाले सैनिकों की संख्या 1,31,000 है, जबकि लगभग 93,000 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जेलेंस्की के मुताबिक, रूसी मोर्चे पर चिकित्सा सुविधाओं की बदहाली के कारण घायल सैनिकों की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
इस युद्ध में अब एक नया अंतरराष्ट्रीय मोड़ आने वाला है। जेलेंस्की ने खुलासा किया कि रूस अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए उत्तर कोरिया से 30,000 अतिरिक्त सैनिक बुलाने की योजना बना रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, इन सैनिकों के स्वागत और तैनाती के लिए रूस के वोरोनिश क्षेत्र में जून महीने से ही तैयारियां चल रही हैं। यह कदम दर्शाता है कि पुतिन अब अपनी घरेलू लामबंदी की विफलताओं को विदेशी मदद से ढंकने की कोशिश कर रहे हैं।
यूक्रेनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सितंबर-अक्टूबर के आसपास रूस में लामबंदी की एक नई और व्यापक लहर देखने को मिल सकती है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में रूसी रक्षा मंत्रालय अपने भर्ती लक्ष्य से करीब 30,000 सैनिक पीछे रह गया है। जहां पिछले साल इसी अवधि में 90,000 अनुबंध हुए थे, वहीं इस साल यह संख्या गिरकर 70,500 रह गई है।
एक तरफ लामबंदी की तैयारी चल रही है, तो दूसरी तरफ रूसी मिसाइलें यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को निशाना बना रही हैं। कीव में शनिवार रात बैलिस्टिक मिसाइल हमले में एक 18 मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त हो गई。 इससे पहले कीव में एक प्रदर्शनी पर हुए हमले में 10 लोगों की मौत हुई थी।
यह भी पढ़ें:- NATO Spy: बेल्जियम में नाटो मिलिट्री हेडक्वार्टर में जासूसी? कनाडा की महिला इंटर्न हुई गिरफ्तार
वहीं, स्लोवियांस्क में रूसी ग्लाइड बमों के हमले में 5 नागरिकों की जान चली गई है और 15 घायल हुए हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि रूस आने वाले 48 घंटों में और भी भीषण हमले कर सकता है, जिसके लिए यूक्रेनी सेना हाई अलर्ट पर है।