ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

मोजतबा खामेनेई का ठिकाना क्यों नहीं ढूंढ पा रही अमेरिकी फौज? मोसाद भी फेल, कर दिया बड़े ईनाम का ऐलान

US-Iran War: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति के 10 दिन बाद भी उनका ठिकाना रहस्य बना हुआ है। अमेरिका उनकी तलाश में जुटा है, जबकि ईरान ने अफवाहों को खारिज किया।

अक्षय साहू

US Unable to Find Mojtaba Khamenei: ईरान में सत्ता परिवर्तन के बाद नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। नियुक्ति के करीब 10 दिन बाद भी उनके ठिकाने को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसी वजह से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की खुफिया एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी एजेंसियों ने मोजतबा के बारे में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की भी घोषणा की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मोजतबा को लेकर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। ट्रंप ने यहां तक कहा कि यह भी संभव है कि मोजतबा की मौत हो चुकी हो। हालांकि ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट कहा है कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले ले रहे हैं।

10 दिन पहले संभाला सुप्रीम लीडर का पद

मोजतबा खामेनेई को 6 मार्च को ईरान का सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था, जबकि इसकी जानकारी 8 मार्च को सार्वजनिक की गई। उन्हें ईरान की गार्जियन काउंसिल ने इस पद के लिए चुना। लेकिन नियुक्ति की घोषणा के बाद से ही वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, जिससे रहस्य और गहरा गया है।

मोजतबा के घायल होने का दावा

इस बीच इजराइल डिफेंस फोर्स ने चार दिन पहले एक बड़ा दावा किया था। आईडीएफ के अनुसार 9 मार्च को हुए एक हमले में मोजतबा घायल हो गए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि हमले के बाद उन्हें तुरंत एक गुप्त स्थान पर ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। अमेरिका की सेंटकॉम कमान ने भी मोजतबा खामेनेई को अपनी हिटलिस्ट में शामिल कर लिया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका की रणनीति उन्हें उसी तरह निशाना बनाने की है, जैसे पहले सीनियर खामेनेई को निशाना बनाया गया था।

मोजतबा को लेकर सीमित जानकारी

मोजतबा खामेनेई के बारे में सार्वजनिक जानकारी बेहद सीमित है। उनके करीबी सहयोगियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बहुत कम जानकारी सामने आई है। यही वजह है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां उनकी गतिविधियों और ठिकाने का पता लगाने में जुटी हैं।

दूसरी ओर कुवैत के अखबार अल-जरीदा ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि मोजतबा को इलाज के लिए रूस की राजधानी मॉस्को ले जाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें एक रूसी सैन्य विमान से वहां पहुंचाया गया और उनके पैर में फ्रैक्चर होने की बात कही गई है। हालांकि रूस और ईरान, दोनों ने इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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