पीएम मोदी, बेंजामिन नेतन्याहू और शहबाज शरीफ (कॉन्सेप्ट फोटो) 
विदेश

नेतन्याहू के नए प्लान से दहशत में मुस्लिम देश! मोदी की साझेदारी ने उड़ाई शहबाज की नींद, यहां समझें पूरी कहानी

Benjamin Netanyahu Plan: PM नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर इजरायल पहुंच गए हैं। मोदी के दौरे से एक दिन पहले बेंजामिन नेतन्याहू ने हेक्सागन अलायंस का ऐलान किया, जिसने मुस्लिम देशों की नींद उड़ा दी है।

अभिषेक सिंह

PM Modi Israel Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर इजरायल की राजधानी तेल अवीव पहुंच गए हैं। PM मोदी के दौरे से एक दिन पहले बेंजामिन नेतन्याहू ने हेक्सागन अलायंस का ऐलान किया। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने मिडिल ईस्ट में कट्टरपंथी ताकतों का मुकाबला करने के लिए इस नए अलायंस का प्रस्ताव रखा है।

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का यह प्रस्ताव सामने आते ही परेशान पाकिस्तान ने इसकी कड़ी निंदा की। ऐसे में सवाल यह है कि इस नए अलायंस के फॉर्मल बनने से पहले ही मुस्लिम देश क्यों डरे हुए हैं? चलिए इस सवाल के पीछे की वजहों को तलाशने की कोशिश करते हैं।

मुस्लिम उम्माह के खिलाफ है 'हेक्सागन'

बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हेक्सागन अलायंस में भारत को एक अहम पार्टनर के तौर पर शामिल करने की बात की है, लेकिन पाकिस्तान ने इस पर एतराज़ जताया है। पाकिस्तान ने इस नए हेक्सागन अलायंस को मुस्लिम उम्माह के खिलाफ गुटबाजी बताया है। मुस्लिम उम्माह एक इस्लामिक कॉन्सेप्ट है जो मुसलमानों को भाईचारे, सहयोग और एकता की भावना से एकजुट होने और साथ रहने की अपील करता है।

पाक में 'हेक्सागन' के खिलाफ प्रस्ताव

मंगलवार को पाकिस्तान की पार्लियामेंट में इजरायल के हेक्सागन अलायंस के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें इसे रीजनल और इंटरनेशनल शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि यह कदम इजरायल की कब्जा करने की आदत को दिखाता है, जो राजनीतिक और सोच के आधार पर मुस्लिम उम्माह की एकता और एकता को कमजोर करना चाहता है।

आखिर क्यों बेचैन है पाकिस्तान?

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के एक नेता ने इजरायली लीडरशिप के इस भड़काने वाले कदम की निंदा करते हुए कहा कि मुस्लिम देशों के खिलाफ अलायंस बनाने के बारे में हाल के बयानों से इलाके और दुनिया भर में शांति खतरे में पड़ सकती है। नेतन्याहू का यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच पाकिस्तान और सऊदी अरब NATO जैसे समझौते की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें तुर्की पर भी चर्चा हो रही है। नेतन्याहू ने पीएम नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे से पहले ही हेक्सागन अलायंस का ऐलान करते हुए कहा था कि यह सुरक्षा अलायंस इलाके में कट्टर शिया और सुन्नी विरोधियों का सामना करेगा। उन्होंने कहा कि इस ग्रुप में इजरायल, भारत, ग्रीस और साइप्रस के साथ-साथ दूसरे अरब, अफ्रीकी और एशियाई देश भी शामिल हो सकते हैं।

नेतन्याहू के नए प्लान का मकसद क्या?

नेतन्याहू ने कहा कि इसका मकसद उन देशों को एक साथ लाना है जो असलियत, चुनौतियों और लक्ष्यों पर एक जैसा नज़रिया रखते हैं ताकि रेडिकल ताकतों का मुकाबला किया जा सके, चाहे वे रेडिकल शिया हों, जिन पर हमने कड़ा हमला किया है, या सुन्नी हों।

इजरायली PM का कहना है कि मिडिल ईस्ट में दो रेडिकल ग्रुप हैं। पहला है रेडिकल शिया ब्लॉक। ईरान के नेतृत्व वाले इस ब्लॉक में हिज़्बुल्लाह (लेबनान), हूथी (यमन), और ईरान के सपोर्ट वाले कुछ दूसरे ग्रुप शामिल हैं। दूसरा ग्रुप रेडिकल सुन्नियों का है, जिसमें ISIS जैसी पुरानी ताकतें शामिल हैं।

नेतन्याहू का नया कोएलिशन रेडिकल ताकतों के खिलाफ एकजुट होगा और सिक्योरिटी, इकोनॉमिक्स, डिप्लोमेसी और दूसरे एरिया में सहयोग करेगा। नेतन्याहू इसे उन देशों की धुरी कहते हैं, जो असल मुद्दों, चुनौतियों और लक्ष्यों पर एक जैसे विचार रखते हैं।

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