Ebola Virus Outbreak Congo Uganda: विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी (WHO) ने कांगो और युगांडा में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण को देखते हुए इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने यह फैसला दोनों देशों में लगातार बढ़ते मामलों और मौतों को देखते हुए लिया है। हालांकि, स्वास्थ्य संगठन का कहा है कि, फिलहाल हालात ऐसे नहीं हैं कि इसे महामारी माना जाए, लेकिनयह पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय जरूर बन चुका है।
जानकारी के मुताबिक, कांगो के इटुरी प्रांत में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। यहां बुनिया, रवामपारा और मोंगब्वालू जैसे इलाकों में अब तक करीब 80 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा कई लोगों में संक्रमण के लक्षण मिले हैं, जिनमें कुछ मामलों की लैब टेस्ट से पुष्टि भी हो चुकी है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह भी है कि इस वायरस की चपेट में स्वास्थ्यकर्मी भी आ रहे हैं और अब तक 4 मेडिकल स्टाफ की मौत हो चुकी है।
कांगो के बाद इस वायरस ने युगांडा में भी दस्तक दे दी है। युगांडा की राजधानी कंपाला में अब तक दो संक्रमित मरीज मिले हैं। हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों लोग कांगो से आए थे, लेकिन उनके बीच किसी तरह का सीधे संपर्क की बात सामने नहीं आई है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि, इस बार संक्रमण के पीछे बंडिबुग्यो वायरस जिम्मेदार हो सकता है। इबोला बेहद खतरनाक बीमारी मानी जाती है, जो संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी या दूसरे शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलती है। यही वजह है कि इसके फैलने का खतरा काफी ज्यादा रहता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पर नजर बनाए हुए है। माना जा रहा है कि जल्द ही इमरजेंसी कमेटी की बैठक भी बुलाई जा सकती है ताकि अलग अलग देशों के साथ मिलकर संक्रमण को रोकने के लिए रणनीति बनाई जा सके।
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फिलहाल राहत की बात केवल इतनी है कि इबोला संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन मौजूद है। स्वास्थ्य एजेंसियां कोशिश कर रही हैं कि संक्रमण को ज्यादा फैलने से पहले ही काबू में कर लिया जाए और प्रभावित इलाकों तक तेजी से इलाज और मदद पहुंचाई जाए।