अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान के साथ युद्ध ट्रंप की सबसे बड़ी गलती! ईरानी हमले पर बंटी अमेरिकी जनता, विदेश नीति को लेकर भी नाराजगी

US Attack Iran: अमेरिका में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर मतदाता दो हिस्सों में बंटे हैं, हालांकि बहुमत अब भी ईरान को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानता है।

अक्षय साहू

US Citizens Angry on Trump Foreign Policy: अमेरिका में ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई को लेकर मतदाता स्पष्ट रूप से दो खेमों में बंटे हुए हैं। हालांकि, व्यापक स्तर पर यह धारणा कायम है कि ईरान अब भी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। 61% पंजीकृत मतदाताओं का मानना है कि ईरान एक वास्तविक सुरक्षा चुनौती है। 

2006 से फॉक्स न्यूज के सर्वेक्षणों में यह आंकड़ा लगभग इसी स्तर पर बना हुआ है। पिछले साल जून में ईरानी परमाणु ठिकानों पर चलाए गए ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के समय यह चिंता बढ़कर 73% तक पहुंच गई थी।

ईरान पर हमले को लेकर बंटी अमेरिकी जनता

इजरायल के साथ मिलकर शुरू किए गए मौजूदा हमलों, जिन्हें ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ कहा जा रहा है, पर जनमत बिल्कुल बराबर बंटा हुआ है। 50% मतदाता इस कार्रवाई के समर्थन में हैं, जबकि 50% इसके विरोध में। पार्टी के आधार पर मतभेद काफी गहरे हैं। रिपब्लिकन मतदाताओं में 80% से अधिक इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हैं। इसके विपरीत, लगभग 80% डेमोक्रेट समर्थक इसका विरोध कर रहे हैं। निर्दलीय मतदाताओं में भी लगभग 60% इन हमलों के खिलाफ हैं। सेना में सेवा दे चुके मतदाताओं में 59% समर्थन में और 39% विरोध में हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति को लेकर मतदाताओं में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। 51% लोगों का मानना है कि उनके दृष्टिकोण ने अमेरिका को कम सुरक्षित बनाया है, जो पिछले जुलाई के 43% से अधिक है। केवल 29% का मानना है कि उनके कदमों से देश अधिक सुरक्षित हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि 80% रिपब्लिकन हमलों का समर्थन करते हैं, लेकिन उनमें से केवल 60% ही मानते हैं कि ट्रंप की नीतियों से देश सुरक्षित हो रहा है। पूर्व सैनिकों में 37% को लगता है कि देश सुरक्षित हुआ है, जबकि 44% का मानना है कि स्थिति और खराब हुई है।

ट्रंप की विदेश नीति के खिलाफ 60% मतदाता

डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति को 40% की स्वीकृति मिली है, जबकि 60% मतदाता इसे नापसंद करते हैं। उनकी समग्र कार्यप्रणाली को 43% समर्थन और 57% अस्वीकृति प्राप्त है। वैश्विक स्तर पर 56% मतदाताओं का मानना है कि चार साल पहले की तुलना में दुनिया में अमेरिका का सम्मान कम हुआ है, हालांकि यह आंकड़ा 2024 की तुलना में कुछ बेहतर है।

इसके अलावा, लगभग दो-तिहाई मतदाताओं ने चिंता जताई कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना कार्यकारी आदेशों का उपयोग देश की ‘नियंत्रण और संतुलन’ प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। वहीं, ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ को लेकर मत अभी भी बंटे हैं-30% इसे सफल, 31% विफल और 37% अभी निर्णय के लिए जल्दबाजी मानते हैं। यह सर्वे 1,004 पंजीकृत मतदाताओं पर आधारित है, जिसकी प्लस/माइनस 3 प्रतिशत अंक है। 

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