विक्रम दुरईस्वामी, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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ड्रैगन के घर में देश का नया 'चाणक्य'! कौन हैं चीन में भारत के नए दूत विक्रम दुरईस्वामी, जानें पूरी कहानी

India New Ambassador China: भारत ने अनुभवी राजनयिक विक्रम दुरईस्वामी को चीन में नया राजदूत नियुक्त किया है। 1992 बैच के IFS अधिकारी दुरईस्वामी, प्रदीप कुमार रावत की जगह लेंगे।

अमन उपाध्याय

Who Is Vikram Doraiswami: भारत और चीन के बीच लंबे समय से जारी सीमा तनाव और जटिल कूटनीतिक रिश्तों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अनुभवी राजनयिक विक्रम के. दुरईस्वामी को चीन में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी कर इस नियुक्ति की पुष्टि की। दुरईस्वामी, वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप कुमार रावत का स्थान लेंगे और माना जा रहा है कि वह जल्द ही बीजिंग में अपना कार्यभार संभाल लेंगे।

पत्रकारिता से कूटनीति तक का शानदार सफर

विक्रम दुरईस्वामी का करियर काफी दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है। भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1992 बैच के अधिकारी दुरईस्वामी ने कूटनीति की दुनिया में कदम रखने से पहले एक साल तक पत्रकार के रूप में भी कार्य किया था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री प्राप्त की है। उनकी यह पृष्ठभूमि उन्हें जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को बारीकी से समझने और उसे प्रभावी ढंग से पेश करने में मदद करती है।

चीन के साथ पुराना नाता और भाषाई पकड़

चीन में भारत के राजदूत के रूप में उनकी नियुक्ति काफी सोच-समझकर की गई है। दुरईस्वामी को चीन का गहरा अनुभव है। उन्होंने 1994 में हांगकांग में सचिव के रूप में कार्य किया था जहां उन्होंने चीनी विश्वविद्यालय से बाकायदा चीनी भाषा सीखी थी। इसके बाद, 1996 से उन्होंने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में लगभग चार वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। चीनी भाषा पर उनकी पकड़ और वहां की कार्यप्रणाली की समझ बीजिंग के साथ बातचीत की मेज पर भारत का पक्ष मजबूत करेगी।

वैश्विक अनुभव और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के रूप में वर्तमान में कार्यरत दुरईस्वामी ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला है। वह 2020 से 2022 तक पड़ोसी देश बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त रहे। इसके अलावा, उन्होंने विदेश मंत्रालय में सार्क (SAARC) प्रभाग के प्रमुख, अमेरिका प्रभाग के संयुक्त सचिव और 2012 में नई दिल्ली में आयोजित चौथे ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के समन्वयक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में भी देश की सेवा की है।

निजी जीवन और रुचियां

सिर्फ राजनीति और कूटनीति ही नहीं, दुरईस्वामी एक बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी हैं। उन्हें पढ़ने, खेल, यात्रा और इतिहास के साथ-साथ जैज (Jazz) संगीत में गहरी रुचि है। वह चीनी और फ्रांसीसी भाषाओं के साथ-साथ कुछ हद तक कोरियाई भी बोल सकते हैं। उनकी पत्नी संगीता एक शिक्षिका हैं और उनका एक 23 वर्षीय पुत्र है।

चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में आए लंबे ठहराव और तनाव के बीच, विक्रम दुरईस्वामी की नियुक्ति को भारत की ओर से रिश्तों को पटरी पर लाने की एक गंभीर कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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