सार्को कैप्सूल (सौजन्य-एक्स) 
विदेश

"सुसाइड कैप्सुल" का चल रहा आतंक, स्विटजरलैंड में महिला की मौत के बाद इस्तेमाल करने पर लगाई रोक

स्विटजरलैंड में सुसाइड कैप्सुल का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ने से पहले ही इस पर अब रोक लगा दी गई है। स्विट्जरलैंड में तथाकथित ‘सुसाइड कैप्सूल' के पैरोकार समूहों ने रविवार को कहा कि उन्होंने देश में इसके पहले इस्तेमाल की आपराधिक जांच पूरी होने तक इसका इस्तेमाल करने के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया निलंबित कर दी है।

प्रिया जैस

बर्न: स्विटजरलैंड में सुसाइड कैप्सुल का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ने से पहले ही इस पर अब रोक लगा दी गई है। स्विट्जरलैंड में तथाकथित ‘सुसाइड कैप्सूल' के पैरोकार समूहों ने रविवार को कहा कि उन्होंने देश में इसके पहले इस्तेमाल की आपराधिक जांच पूरी होने तक इसका इस्तेमाल करने के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया निलंबित कर दी है।

इस सुसाइड कैप्सुल के लिए पिछले कई महीनों से आवेदन आ रहे थे। पिछले महीने ही 370 से अधिक आवेदन मिले थे। इस मामले में मुकदमा चलाने से पूर्व स्विट्जरलैंड के संगठन 'द लास्ट रिजॉर्ट' के अध्यक्ष फ्लोरियन विलेट को हिरासत में लिया गया है। विलेट ने कहा कि इस समूह और इससे संबद्ध ‘एग्जिट इंटरनेशनल' की स्थापना करीब 25 साल पहले ऑस्ट्रेलिया में हुई थी। इस सुसाइड कैप्सुल को एग्जिट इंटरनेशनल' ने सार्को के नाम से विकसित किया है।

सार्को का इस्तेमाल करने वाली महिला

स्विट्जरलैंड की पुलिस ने मध्य पश्चिमी अमेरिका की 64 वर्षीय एक अज्ञात महिला की मौत के बाद विलेट तथा कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। यह अमेरिकी महिला पहली है जिसने ‘सार्को' के नाम से पहचाने जाने वाले इस मशीन का इस्तेमाल किया है। उसने जर्मनी की सीमा के पास उत्तरी शाफहाउसेन क्षेत्र के एक जंगल में इस ‘सार्को' का इस्तेमाल किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में जिन लोगों को हिरासत में लिया गया था उन्हें रिहा कर दिया गया है।

आत्महत्या करने के लिए अनुमति

बता दें कि, स्विट्जरलैंड दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है जहां अगर अनुमति ली जाए तो आत्महत्या की जा सकती है। हालांकि, सार्को के पहली बार इस्तेमाल से दुनियाभर में बहस छिड़ गयी है। यूरोप के इस देश स्विटजरलैंड में आत्महत्या को लेकर अनुमति लेने के पहले से ही ये कानून है कि लेकिन बिना अनुमति के कोई भी अपनी मर्जी से आत्महत्या नहीं कर सकता।

इस मामले में सुसाइड कैप्सूल की वकालत करने वाले समूहों ने रविवार को एक बयान दिया। इस बयान में कहा गया कि 23 सितंबर तक स्विट्जरलैंड में सार्को के इस्तेमाल के लिए 371 लोगों ने आवेदन दिया था और इसके पहले इस्तेमाल के बाद आवेदन प्रक्रिया निलंबित कर दी गयी है।

क्या है सार्को कैप्सूल?

अगर आप जानना चाहते है कि सार्को कैप्सूल क्या है तो ये एक मशीन है, जिसमें ‘सार्को कैप्सूल' में व्यक्ति इसके अंदर लेटता है और एक बटन दबाता है। इसके बाद सीलबंद इस चैम्बर में नाइट्रोजन गैस भर जाती है और व्यक्ति बेहोश हो जाता है औक कुछ ही मिनटों में दम घुटने से उसकी मौत हो जाती है।

जिस दिन अमेरिकी महिला की मौत हुई थी, उसी दिन स्विट्जरलैंड की स्वास्थ्य मंत्री एलिसाबेथ बॉम-श्नीडर ने संसद में ये बात कही थी कि सार्को का इस्तेमाल गैरकानूनी है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

SIR पर संजय सिंह की CEC को चिट्ठी, SC के निर्देश लागू करने की मांग, कहा- बताए 3 करोड़ घुसपैठियों के नाम

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति पर पुलिस का शिकंजा, गैर-जमानती वारंट जारी; SIT की इनाम घोषित करने की तैयारी

CRPF का 47 साल बाद रिकॉर्ड, 12 महीने में ऑपरेशन के दौरान नहीं गई किसी जवान की जान; जानें वजह

पंजाब चुनाव से पहले ED की गतिविधि तेज, AAP विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा के घर पर रेड, मोगा में 2 ठिकानों पर तलाशी

केरल, तमिलनाडु सहित देश के कई हिस्सों में ED की कार्रवाई! 11 ठिकाने पर एक्शन में जांच एजेंसी को क्या मिला?