बगराम एयरबेस पर US और तालिबान आमनेे-सामने, ( डिजाइन फोटो)  
विदेश

जंग का नया अखाड़ा तैयार! US और पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी, बगराम एयरबेस पर तालिबान ने बनाया प्लान

Bagram Airbase: अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को लेकर अमेरिका और तालिबान के बीच टकराव तेज हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयरबेस पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने की चेतावनी दी है।

अमन उपाध्याय

Afghanistan US Conflict: अफगानिस्तान का बगराम एयरबेस फिर से विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है। अमेरिका इसे दोबारा अपने नियंत्रण में लेना चाहता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह एयरबेस अमेरिका की बनाई हुई संपत्ति है और अगर तालिबान इसे वापस नहीं करता, तो परिणाम गंभीर होंगे।

इसके जवाब में तालिबान ने साफ कर दिया कि वह अपनी जमीन का कोई हिस्सा अमेरिका को नहीं देगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका बगराम एयरबेस पर फिर से कब्जे की कोशिश करता है, तो वे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही तालिबान ने पाकिस्तान को भी चेताया है कि यदि वह अमेरिका की मदद करता है, तो उसे भी सीधे निशाना बनाया जाएगा।

बंद कमरे में बैठक

कंधार में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अफगान तालिबान ने यह वचन दिया है कि वे अमेरिका को दोबारा बगराम एयरबेस पर कब्जा करने की अनुमति नहीं देंगे। तालिबान के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक मीडिया को बताया कि इसके तहत सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने अपने शीर्ष कैबिनेट मंत्रियों, खुफिया प्रमुखों, सैन्य कमांडरों और उलेमा परिषद के सदस्यों के साथ एक बंद कमरे में बैठक की।

पाकिस्तान को चेतावनी

तालिबानी नेताओं की हालिया बैठक में अमेरिका को युद्ध की धमकी देने के साथ ही पाकिस्तान को भी चेताया गया है। तालिबान के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, नेताओं ने स्पष्ट किया कि अगर पाकिस्तान किसी भी तरह—चाहे सैन्य या कूटनीतिक से अमेरिका का समर्थन करता है, तो उसे दुश्मन देश माना जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तालिबान ने निर्णय लिया है कि इस स्थिति के बारे में रूस, चीन, ईरान, पाकिस्तान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और भारत को भी अपने रुख से अवगत कराएगा।

ट्रंप की तालिबान को चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान को चेतावनी दी है और बगराम एयरबेस पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करने की अपनी इच्छा जताई है। ट्रंप का कहना है कि यह एयरबेस चीन की परमाणु गतिविधियों के बहुत करीब स्थित है, इसलिए अमेरिका के लिए इसे फिर से हासिल करना जरूरी है।

ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि अगर अफगानिस्तान बगराम एयरबेस अमेरिका को वापस नहीं देता, तो इसका परिणाम गंभीर होगा। इससे पहले ब्रिटेन दौरे के दौरान भी उन्होंने बगराम एयरबेस का जिक्र किया और कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े एयरबेस में से एक है जिसे अमेरिका ने छोड़ दिया था, लेकिन अब सुरक्षा कारणों से इसे वापस पाने की जरूरत है।

किसने बनाया था इस एयरबेस को?

बगराम एयरबेस अफगानिस्तान के परवान प्रांत में, राजधानी काबुल से लगभग 60 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। इसकी स्थापना सबसे पहले 1950 के दशक में रूस ने की थी। 2001 में जब अमेरिका ने तालिबान को सत्ता से हटाने के बाद इस एयरबेस पर कब्ज़ा किया। उस समय तक एयरबेस युद्ध के कारण काफी नुकसान झेल चुका था। इसके बाद अमेरिका ने इसे पुनः विकसित किया और यह अब लगभग 77 वर्ग किलोमीटर में फैला एक विशाल सैन्य स्थल बन गया है।

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