अमेरिका ने चुपचाप किया नया 'न्यूक्लियर टेस्ट (डिजाइन, फोटो) 
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VIDEO: अमेरिका ने चुपचाप किया नया 'न्यूक्लियर टेस्ट'... क्या शुरू होने वाला है बड़ा युद्ध?

US Nuclear Test: अमेरिका ने रूस और चीन से बढ़ते तनाव के बीच अगस्त में गुप्त परमाणु परीक्षण कर लिया था, लेकिन दुनिया को इसकी भनक तक नहीं लगी। राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयान के बाद खुलासा हुआ कि...

अमन उपाध्याय

US conducts Secret Nuclear Test at Nevada Site: दुनिया तब सन्न रह गई जब ये खुलासा हुआ कि अमेरिका ने चुपचाप परमाणु परीक्षण कर लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले संकेत दिया था कि अमेरिका जल्द ही भविष्य में परमाणु परीक्षण कर सकता है।

दुनिया समझ नहीं पा रही थी कि यह ट्रंप का दबाव बनाने वाला बयान है या अमेरिका वास्तव में ऐसा कदम उठाने वाला है। लेकिन इस बीच रूस की स्टेट न्यूज एजेंसी RT के दावे ने सबको चौंका दिया अमेरिका ने अगस्त में ही B61-12 परमाणु बम का परीक्षण पूरा कर लिया था।

नेवादा साइट पर गुप्त परीक्षण

रिपोर्ट के अनुसार, यह परीक्षण अमेरिका की नेवादा नेशनल सिक्योरिटी साइट पर बड़ी गुप्तता के साथ किया गया। किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा, मीडिया कवरेज या सार्वजनिक जानकारी से बचते हुए अमेरिका ने इसे ‘साइलेंट मिशन’ के तौर पर अंजाम दिया। दावा है कि अमेरिका ने बिना वारहेड वाले B61-12 बम को F-35 लड़ाकू विमान से गिराकर टेस्ट किया।

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हैरानी की बात यह है कि यह परीक्षण अगस्त में पूरा हो चुका था, जबकि ट्रंप ने इसके बाद सार्वजनिक बयान दिया कि अमेरिका परमाणु परीक्षण करने की योजना बना रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ट्रंप पहले ही सफल परीक्षण कर चुके थे और बाद में बयान देकर राज को छुपाया गया।

F-35 से ‘शैडो ड्रॉप मिशन’

परीक्षण के दौरान F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान ने बिना वास्तविक वारहेड के बम गिराए। इस मिशन को कोडनेम दिया गया “ऑपरेशन शैडो ड्रॉप”। अमेरिकी वायुसेना के लेफ्टिनेंट जैक हार्पर इस ऑपरेशन के प्रमुख थे। परीक्षण बेहद गोपनीय तरीके से किया गया ताकि रूस और चीन को इसकी भनक तक न लगे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि B61-12 बमों की सेवा अवधि 20 साल बढ़ाई गई है। पुराने मॉडल को नष्ट करने की बजाय उन्हें आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया गया है, जिससे वे अधिक सटीक, कम क्षमता वाले लेकिन अत्यधिक विनाशक बन गए हैं।

परमाणु परीक्षण के पीछे भू-राजनीतिक कारण

अमेरिका और रूस के बीच हाल ही में बढ़ता तनाव, चीन की सैन्य सक्रियता और उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों ने वैश्विक वातावरण अस्थिर कर दिया है। ऐसे हालात में अमेरिका यह दिखाना चाहता था कि वह सैन्य रूप से किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए तैयार है।

नेवादा साइट के ऊपर से उड़ान भरते समय नियंत्रण कक्ष से कमांड मिला- “ड्रॉप इन थ्री… टू… वन।” इसके बाद बम गिराया गया और नीचे रेत के मैदान में धूल का विशाल गुबार उठा। सेंसर डेटा ने पुष्टि की कि सिमुलेटेड विस्फोट 30 मीटर की त्रिज्या में सफलतापूर्वक हुआ।

चुप्पी में किया गया वैश्विक संदेश

इस परीक्षण में असली वारहेड नहीं था, लेकिन इस एक कदम ने दुनिया को संदेश दे दिया अमेरिका चुपचाप भी वो कर सकता है जो बड़े देश खुलकर करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। यह आधुनिक हथियारों, तकनीक और भू-राजनीतिक रणनीति का संयोजन है, जिसने दुनिया को एक बार फिर परमाणु तनाव के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

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