US Sanctions Pakistani Defense Companies: अमेरिका ने ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए सैन्य उपकरण खरीदने में मदद करने वाले 10 लोगों व संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया है। 'द मीडिया लाइन' के विश्लेषण अनुसार इन संस्थाओं में पाकिस्तान की रक्षा कंपनी 'कैवेलियर ग्रुप' और उससे जुड़ी तीन फर्में शामिल हैं।
पाकिस्तानी व्यवसायी पर ईरानी रक्षा मंत्रालय (एमओडीएएफएल) के लिए बिचौलिए की भूमिका निभाने और वित्तीय सहायता देने का गंभीर आरोप है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल तथा ड्रोन कार्यक्रम को मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
वाशिंगटन ने यह कार्रवाई अपने विशेष 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत की है, जो अगस्त महीने में शुरू किया गया था। इस कदम का मुख्य मकसद उन वित्तीय स्रोतों को बंद करना है जिनका उपयोग ईरान प्रतिबंधों से बचने और उग्रवादी फंडिंग में करता है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग अनुसार पाकिस्तानी व्यवसायी 'कैवेलियर ग्रुप' का चेयरमैन है जो निजी रक्षा कंपनी के रूप में काम करती है। वह पाकिस्तान स्थित 'कैवेलियर डायनामिक्स प्राइवेट लिमिटेड' का मुख्य शेयरधारक व चीफ एग्जीक्यूटिव भी है।
अमेरिका का आरोप है कि उसने व उसकी कंपनियों ने ईरानी रक्षा मंत्रालय के लिए गुप्त रूप से बिचौलिए का काम किया। उसने ईरान के सशस्त्र बलों के लिए हथियारों की रिसर्च, उत्पादन व खरीद में वित्तीय तथा तकनीकी सहायता मुहैया कराई।
इसके अलावा वह सऊदी अरब और तुर्की स्थित सहयोगी कंपनियों से भी जुड़ा है जिन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। सऊदी अरब स्थित 'कैवेलियर डायनामिक्स फॉर टेक्नोलॉजीज' के खिलाफ कार्रवाई में सऊदी प्रशासन ने भी मदद की।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन उन सभी संस्थाओं को निशाना बनाएगा जो ईरान को मदद पहुंचाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत की जा रही है।
इस अभियान की शुरुआत अगस्त में ईरानी वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हुई थी। ट्रेजरी विभाग अनुसार ईरान की ओर से प्रतिबंधों से बचने या मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल संस्थाओं पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगेंगे।
ऐसी संस्थाओं को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह बाहर कर दिया जाएगा। इसका मकसद उन आय स्रोतों को रोकना है जिनका इस्तेमाल ईरान उग्रवादी गतिविधियों की फंडिंग में करता है।
प्रतिबंधों के दायरे में आई कैवेलियर ग्रुप खुद को पाकिस्तान की प्रमुख प्राइवेट डिफेंस कंपनी बताती है। यह कंपनी कई देशों में रक्षा उपकरणों की आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स का काम संभालती है।
हालांकि अमेरिकी आरोपों पर कैवेलियर ग्रुप ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही कोई बयान जारी किया है। विशेषज्ञों अनुसार अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद कैवेलियर ग्रुप के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से अलग होने के बाद वैश्विक बैंक इनके साथ लेन-देन बंद कर देंगे। यह कार्रवाई दर्शाती है कि अमेरिका प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ा रुख जारी रखेगा।