अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने की वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात, शांति वार्ता पर बनी रणनीति

US Ongoing Peace Talks: अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के कीव पहुंचने के बाद दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण और गंभीर रणनीतिक वार्ता शुरू हुई है, जिससे शांति की एक नई उम्मीद जगी है।

प्रिया सिंह

US Crucial Ukraine Peace Talks: रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच अमेरिका की कूटनीतिक पहल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रविवार को पहली बार यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। यहां दोनों दूतों ने राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और यूक्रेनी अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण शांति वार्ता की। इस बैठक को युद्ध खत्म करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

जेलेंस्की ने दोनों अमेरिकी दूतों के कीव पहुंचने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण बातचीत शुरू हो चुकी है। वार्ता का मुख्य उद्देश्य रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित रास्तों पर चर्चा करना है।

मॉस्को में पुतिन से हुई लंबी बैठक

विटकॉफ और कुशनर की कीव यात्रा से एक दिन पहले दोनों ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तीन घंटे से अधिक समय तक मुलाकात की थी। क्रेमलिन में हुई इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण और गंभीर कूटनीतिक चर्चा के तौर पर देखा गया।

मॉस्को में बातचीत के बाद दोनों अमेरिकी दूत पोलैंड के रजेशॉ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से उन्होंने ट्रेन के जरिए कीव का सफर किया। यह यात्रा ऐसे समय हुई जब यूक्रेन में हवाई सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं।

सुरक्षा कारणों से ट्रेन से पहुंचे कीव

जेलेंस्की के अनुसार, कीव का एयरपोर्ट अमेरिकी दूतों के विमान के स्वागत के लिए तैयार था, लेकिन रूसी हवाई हमलों और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए दोनों ने रेल मार्ग से यात्रा करना बेहतर समझा।

कीव पहुंचने के बाद विटकॉफ ने लंबी ट्रेन यात्रा को आरामदायक और शानदार अनुभव बताया। अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे।

कीव और मॉस्को पर हमलों को लेकर समझौता

अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच एक अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था भी सामने आई। इसके तहत दोनों देशों ने यात्रा के दौरान एक-दूसरे की राजधानियों मॉस्को और कीव पर हवाई हमले नहीं करने पर सहमति जताई।

हालांकि, रूसी सेना ने यूक्रेन के दूसरे हिस्सों में रातभर मिसाइल हमले जारी रखे। कीव शहर के भीतर इस दौरान कोई बड़ा हमला दर्ज नहीं हुआ।

यूरोपीय देशों के सुरक्षा अधिकारी भी शामिल

कीव रेलवे स्टेशन पर यूक्रेन के खुफिया प्रमुख किरिलो बुडानोव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिकी दूतों का स्वागत किया। वार्ता में फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी शामिल हुए।

बैठक में यूक्रेन ने मजबूत सुरक्षा गारंटी और युद्ध के बाद सम्मानजनक एवं टिकाऊ शांति समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया। यूक्रेनी पक्ष के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि किसी भी संभावित समझौते के बाद उसकी सुरक्षा बनी रहे।

सर्दियों की ऊर्जा सुरक्षा पर भी चर्चा

वार्ता में आगामी सर्दियों के दौरान यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा भी प्रमुख मुद्दा रही। पिछले साल रूसी हमलों में यूक्रेन के करीब नौ गीगावाट बिजली उत्पादन ढांचे को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया था।

यूक्रेन की प्राथमिकता इस बार नागरिकों को बिजली और हीटिंग जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए ऊर्जा ग्रिड को संभावित हमलों से बचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

सितंबर के अंत में फिर शुरू हो सकती है वार्ता

किरिलो बुडानोव के अनुसार, अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता सितंबर के अंत तक फिर शुरू हो सकती है। संभावित समय रूस के स्टेट ड्यूमा चुनावों के बाद का बताया जा रहा है।

वहीं, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार दोनों पक्षों ने आने वाले हफ्तों में उठाए जाने वाले रणनीतिक कदमों की रूपरेखा तैयार कर ली है। अगर यह पहल आगे बढ़ती है, तो रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की दिशा में एक नया रास्ता खुल सकता है।

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