US Israel Attacks Iran Rail Bridges: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक पूर्ण विकसित युद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को 'पाषाण युग' (Stone Age) में पहुंचाने के लिए दी गई मंगलवार रात 8 बजे की समय सीमा समाप्त होने से पहले ही बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू हो गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से रेलवे नेटवर्क और प्रमुख तेल केंद्रों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के भीतर कई महत्वपूर्ण रेलवे पुलों को नष्ट कर दिया है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की रसद आपूर्ति और सैन्य आवाजाही को ठप करना है। इजरायली हमलों में अब तक ईरान के कोम (Koam) ब्रिज, याह्याबाद रेलवे ब्रिज, काशान रेलवे ब्रिज और कजविन स्थित प्रमुख रेलवे पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
इन हमलों में ईरान के शहरियार इलाके में नागरिक ठिकानों के भी प्रभावित होने की खबर है जिसमें अब तक दो ईरानी नागरिकों की मौत हो गई है और तीन अन्य घायल हुए हैं। बढ़ते हमलों को देखते हुए ईरानी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मशहद रेलवे स्टेशन को पूरी तरह बंद कर दिया है।
रेलवे के अलावा, सबसे भीषण हमला ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र 'खर्ग आइलैंड' (Kharg Island) पर किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने इस द्वीप पर स्थित क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट हब और मिसाइल डिपो को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ बमबारी की है। खर्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा माना जाता है और इसे निशाना बनाकर अमेरिका ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए तैयार है।
ईरानी सेना ने इन हमलों का कड़ा जवाब देने की घोषणा की है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि यदि अमेरिका ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया तो वे भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं हटेंगे। इसी के तहत ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर मिसाइलें दागी हैं। साथ ही, इजरायल के मध्य हिस्से पर रॉकेटों की बौछार की गई है जिससे पेटाह टिकवा (Petah Tikva) में एक इमारत ढह गई और गिवत शमुएल में नागरिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह मंगलवार रात 8 बजे तक Strait of Hormuz को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए नहीं खोलता या कोई 'स्वीकार्य' समझौता नहीं करता है तो उसे ऐसी तबाही का सामना करना पड़ेगा जो उसे 'एक ही रात में' खत्म कर सकती है।
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ट्रंप ने इसे ईरान के 47 साल के इतिहास का अंत करने वाला क्षण बताया है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें उस समय सीमा पर टिकी हैं, जिसके बाद हमले और तेज होने की आशंका है।