UAE के समुद्र का पानी पड़ा काला सोर्स-सोशल मीडिया
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अमेरिका-ईरान जंग के बीच UAE के तट पर फैला तेल, काला पड़ा समंदर का पानी; जानिए प्रदूषण के खतरे की पूरी कहानी

US-Iran War: ईरान- अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच UAE में ट्रैंक से तेल रिसाव के कारण प्रदूषण फैलने का खतरा हो गया है। समुद्र में तेल ही तेल फैल गया है। इससे प्रदूषण और जलीय जीव के जान का खतरा है।

आशीष शुक्ला

Highlights:

  • उम अल कुवैन के सभी समुद्र तट अस्थायी रूप से बंद

  • UAE के समुद्री तटों पर तेल रिसाव से फैल सकता प्रदूषण का खतरा

  • तेल रिसाव का प्रमुख कारण GEM NO.2 नाम का तेल टैंकर है जो 9 अक्टूबर को हुआ था क्षतिग्रस्त

Oil spills Off The UAE Coast; Seawater Turns Black: ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव से ऊर्जा का प्रमुख मार्ग होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित है। इसी बीच पर्यावरण के लिहाज से चिंताजनक जानकारी सामने आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार UAE के उम्म अल कुवैन तट के पास तेल टैंकर से रिसाव होने के कारण समुद्र का पानी काला पड़ गया है। उपग्रह तस्वीरों के मुताबिक, तेल की परत फैलकर करीब 35 किलोमीटर तक पहुंच गई और तटों पर प्रदूषण फैलने लगा।

मिली जानकारी के अनुसार तेल रिसाव का प्रमुख कारण GEM NO.2 नाम का तेल टैंकर है, जिसे 9 अक्टूबर को UAE के तट के पास हमलाकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इस जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। पर्यावरण के लिहाज से तेल से मछलियों, समुद्री कछुओं, पक्षियों और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।

जाने कैसे शुरू हुआ तेल रिसाव?

ईरान और अमेरिका के बीच गतिरोध जारी है। होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान ने बंद कर दिया है। बीते 9 अक्टूबर को UAE के तट के पास एक जहाज पर हमला हुआ था, जिसके बाद उसमें आग लग गई। जहाज की पहचान GEM NO.2 के रूप में की गई है।

घटना के बाद 19 अक्टूबर को जहाज के आसपास तेल की परत दिखाई दी थी। अगले दो दिनों में यह फैलकर लगभग 35 किलोमीटर तक पहुंच गई। बाद में तेल समुद्र तट तक आ गया। जहाज पर मौजूद सभी 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया था।

पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए विशेष टीम का गठन

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने उम अल कुवैन के समुद्र तटों पर तेल रिसाव की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार, देश की तकनीकी निगरानी और पर्यावरणीय आकलन प्रणाली के जरिए टैंकर से हुए तेल रिसाव का पता चला, जिससे तटीय क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि शारजाह, अजमान और उम अल कुवैन के कुछ इलाकों में दुर्गंध महसूस की गई है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक, इस दुर्गंध से निवासियों के स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है।

तेल रिसाव के पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए स्थानीय और संघीय अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रभावित क्षेत्रों में तेल को फैलने से रोकने, उसे घेरने, सफाई करने और तटीय इलाकों को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

उम अल कुवैन के सभी समुद्र तट अस्थायी रूप से बंद

सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर उम अल कुवैन के सभी समुद्र तटों और तटीय क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है।

ये प्रतिबंध तब तक लागू रहेंगे, जब तक तकनीकी टीमें अपना आकलन पूरा नहीं कर लेतीं और सुरक्षा तथा समुद्री पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी उपायों की पहचान नहीं हो जाती।

फिलहाल, अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य तेल रिसाव को नियंत्रित करना, प्रभावित क्षेत्रों की सफाई करना और समुद्री पर्यावरण को होने वाले संभावित नुकसान को कम करना है।

ईरान युद्ध से क्या संबंध है?

होर्मुज जलडमरूमध्य ऊर्जा का एक प्रमुख मार्ग है। अमेरिका के हमले के बाद से ही ईरान ने इस प्रमुख मार्ग को बंद कर दिया है। ईरान का साफ कहना है जब तक अमेरिका उसकी शर्तो को मानता नहीं है तब तक ईरान इस प्रमुख मार्ग से जहाजों को नहीं गुजरने देगा।

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