US Embassy Alert In Middle East: मध्य-पूर्व में पिछले पांच महीनों से जारी भीषण संघर्ष के बीच कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर बड़ी हलचल देखी जा रही है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान पर होने वाले नए हमलों को फिलहाल टाल दिया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने क्षेत्र के 10 देशों में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और दोनों पक्ष एक-दूसरे को विनाशकारी अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मध्य-पूर्व के देशों और खुद ईरान के विशेष अनुरोध पर उन्होंने वीकेंड में होने वाले हमलों को रद्द करने पर सहमति जताई है। ट्रंप के अनुसार, एक संभावित समझौते के मापदंडों पर प्राथमिक सहमति बनी है।
इस डील की मुख्य शर्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी प्रतिबंध के अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त करना शामिल है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हमलों पर यह रोक तभी तक प्रभावी रहेगी जब तक समझौते को तेजी से अंतिम रूप दिया जाता है।
कूटनीतिक बातचीत के बीच जमीनी हकीकत तनावपूर्ण बनी हुई है। शनिवार को इजरायल, जॉर्डन, इराक, मिस्र, बहरीन, यूएई, कतर और सऊदी अरब समेत करीब 10 देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नागरिकों से कहा गया है कि वे उड़ानों के रद्द होने या हवाई क्षेत्र बंद होने जैसी स्थितियों के लिए तैयार रहें और यदि आवश्यक हो, तो क्षेत्र छोड़ने पर भी विचार करें। क्षेत्र के बाहर रहने वाले अमेरिकियों को भी फिलहाल मध्य-पूर्व की यात्रा टालने की हिदायत दी गई है।
ईरान ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर चेतावनी दी है कि किसी भी साहसिक कार्रवाई का करारा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अपने बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों के जवाब में एक व्यापक रणनीति तैयार की है, जिसमें इजरायल के महत्वपूर्ण ठिकानों और मध्य-पूर्व में अमेरिकी ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शामिल है। इस बीच, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी ट्रंप से फोन पर बात कर अमेरिकी योजनाओं पर अपनी चिंता जताई है।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच यह भीषण संघर्ष पिछले पांच महीनों से जारी है। तनाव का मौजूदा सिलसिला 28 फरवरी को हुए हमलों के बाद से तेज हुआ है, जिसमें ईरान के तत्कालीन शीर्ष नेतृत्व और सैन्य कमांडरों की मौत हो गई थी।
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हालांकि ट्रंप का ताजा दावा तनाव कम होने की उम्मीद जगाता है, लेकिन इजरायल के रुख और समझौते के कार्यान्वयन को लेकर अभी भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं।