ईरान पर हमले को लेकर खाड़ी देश अमेरिका से नाराज (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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मिडिल ईस्ट में बढ़ेगी ट्रंप की मुसीबत! ईरान पर हमले से नाराज हैं खाड़ी देश, बोले- हमने पहले ही दी थी चेतावनी

US-Iran War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद खाड़ी देश नाराज हैं, उन्हें जानकारी और सुरक्षा समर्थन नहीं मिला; ईरान ने जवाबी हमले किए।

अक्षय साहू

Gulf Countries Angry with US on Iran Attack: मिडिल ईस्ट में पिछले एक हफ्ते से इजरायल,अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। इसी बीच खबर आई है कि ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई से कई खाड़ी देश नाराज हैं। उनका कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला करने से पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी। इन देशों का आरोप है कि उन्हें ईरान के संभावित जवाबी हमलों से निपटने के लिए पर्याप्त समय और मदद भी नहीं दी गई।

अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल से जवाबी हमले किए हैं। दो खाड़ी देशों के अधिकारियों ने कहा कि उनकी सरकारें अमेरिका के रवैये से काफी निराश हैं। खासकर पिछले शनिवार को ईरान पर किए गए शुरुआती हमले के तरीके को लेकर वे असंतुष्ट हैं। उनका कहना है कि अगर उन्हें पहले से जानकारी दी जाती, तो वे अपनी सुरक्षा की बेहतर तैयारी कर सकते थे।

खाड़ी देशों ने अमेरिका को चेतावनी दी थी

अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने पहले ही अमेरिका को चेतावनी दी थी कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लेकिन उनका आरोप है कि अमेरिका ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया। अब जब ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है, तो खाड़ी देशों को उसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।

एक अधिकारी ने कहा कि खाड़ी देशों में यह भावना बन रही है कि इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य इजरायल और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा करना था। उनके अनुसार, खाड़ी देशों को अपनी सुरक्षा खुद संभालने के लिए छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उनके देश में ड्रोन और मिसाइल को रोकने वाले इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार तेजी से कम होता जा रहा है, जिससे सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है।

इन अधिकारियों ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी दी। इस मामले में सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन की सरकारों ने टिप्पणी करने के अनुरोध का जवाब नहीं दिया है।

ईरानी हमले में आई कमी

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने कहा कि ईरान के जवाबी बैलिस्टिक मिसाइल हमले लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो गए हैं। उनके अनुसार, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के कारण ईरान की मिसाइल दागने और नए हथियार बनाने की क्षमता कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप क्षेत्र के सभी सहयोगी देशों के संपर्क में हैं और ईरान के हमले यह दिखाते हैं कि इस खतरे को खत्म करना क्यों जरूरी है।

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