अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप (सोर्स - सोशल मीडिया)
विदेश

अमेरिका ने फिर हिजबुल्लाह को माना ईरान के प्रॉक्सी, आतंकी कैश नेटवर्क से जुड़े 10 लोगों पर बैन

Hezbollah Sanctions Cash: अमेरिका ने हिज्बुल्ला के वित्तीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दस लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं, अमेरिका ने उन्हें ईरानी प्रॉक्सी बताते हुए बैन लगाया है।

प्रिया सिंह

Hezbollah Sanctions Iranian Proxy: अमेरिका ने लेबनान के हिज्बुल्ला संगठन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी प्रशासन ने हिज्बुल्ला को फिर से ईरान के प्रॉक्सी के रूप में सूचीबद्ध किया है, जिससे मध्य पूर्व में बड़ा कूटनीतिक तनाव पैदा हो गया है।

इस नए कदम के साथ ही अमेरिकी वित्त विभाग ने हिज्बुल्ला के वित्तीय कैश नेटवर्क से जुड़े दस लोगों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। यह नेटवर्क व्यावसायिक उड़ानों का इस्तेमाल कर करोड़ों डॉलर की नकदी को अलग-अलग देशों के बीच पहुंचाने का काम करता था।

लाखों डॉलर का कैश ट्रांसफर

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, इस नेटवर्क के कूरियर लेबनान, तुर्की, यूएई और ईरान के बीच लगातार यात्रा करते थे। ये कूरियर उड़ानों से भारी मात्रा में धन इधर से उधर पहुंचाते थे, जिससे हिज्बुल्ला को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से बाहर रहकर प्रतिबंधों से बचने में बड़ी मदद मिलती थी।

ईरानी कुद्स फोर्स का हिस्सा

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हिज्बुल्ला कोई स्वतंत्र संगठन नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर ईरान की कुद्स फोर्स की तरफ से काम करता है। इस नए निर्धारण से यह साफ हो गया है कि हिज्बुल्ला के सैन्य और वित्तीय नेटवर्क सीधे तौर पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के विस्तार के रूप में काम करते हैं।

इजराइल लेबनान शांति वार्ता

अमेरिका लंबे समय से हिज्बुल्ला और कुद्स फोर्स दोनों को वैश्विक आतंकवादी समूहों की सूची में रखता आया है। सीएनएन के अनुसार, अमेरिका का यह कदम ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप का प्रशासन इजराइल और लेबनान के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने का कड़ा प्रयास कर रहा है।

वैश्विक सुरक्षा पर असर

इस बड़े फैसले के बाद विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसीज भी सतर्क हो गई हैं, ताकि आतंकी वित्तपोषण को रोका जा सके। इस आर्थिक प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य हिज्बुल्ला की सैन्य ताकत को आघात पहुंचाना और पूरे क्षेत्र में कूटनीतिक शांति व्यवस्था को स्थापित करना है।

प्रतिबंधों से बचने के रास्ते

हिज्बुल्ला इस गुप्त कैश नेटवर्क के जरिए अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग नियमों को बाईपास कर विदेशी मुद्रा आसानी से हासिल कर लेता था। इस नेटवर्क को ध्वस्त करने से अब हिज्बुल्ला की आर्थिक ताकत काफी कमजोर हो जाएगी और उनके लिए अपनी गतिविधियों को चलाना बेहद मुश्किल होगा।

भविष्य की चुनौतियां

आने वाले समय में इस प्रतिबंध के दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे मध्य पूर्व की राजनीति में बड़े बदलाव आएंगे। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ईरान अपने इस प्रॉक्सी ग्रुप को बचाने के लिए कोई नए कूटनीतिक कदम उठाता है।

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