डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर (सोर्स- सोशल मीडिया)  
विदेश

स्टेट ऑफ द यूनियन में हंगामा… इल्हान उमर ने ट्रंप पर आरोप लगाते हुए कहा- 'आपने अमेरिकियों को मारा'

Trump State Of Union Protest: राष्ट्रपति ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में सांसद इल्हान उमर ने हंगामा किया। उन्होंने ट्रंप पर प्रवासियों के खिलाफ नफरत फैलाने और नागरिकों की मौत का आरोप लगाया।

प्रिया सिंह

Trump State Of The Union Address: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर ने भाषण के बीच में ही ट्रंप पर तीखा हमला बोल दिया। उन्होंने राष्ट्रपति पर प्रवासियों के प्रति नफरत फैलाने और निर्दोष अमेरिकी नागरिकों की जान लेने का गंभीर आरोप लगाया। ट्रंप के कड़े रुख के जवाब में उमर ने सदन में चिल्लाते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

सदन में भारी हंगामा

सदन की कार्यवाही के दौरान उस समय तनाव चरम पर पहुंच गया जब ट्रंप ने मिनेसोटा के सोमाली समुदाय को अपमानजनक शब्द कहे। उन्होंने इस समुदाय को 'समुद्री डाकू' कहकर संबोधित किया जिससे डेमोक्रेटिक खेमे में भारी नाराजगी फैल गई। सांसद इल्हान उमर और रशीदा त्लाइब ने तुरंत इस टिप्पणी का विरोध करते हुए अपनी आवाज उठाई।

गंभीर आरोप और प्रहार

इल्हान उमर ने बार-बार चिल्लाते हुए कहा कि ट्रंप ने अमेरिकियों को मारा है और उन्हें अपने किए पर शर्म आनी चाहिए। यह विरोध मुख्य रूप से मिनेसोटा में इमिग्रेशन क्रैकडाउन के दौरान दो नागरिकों की मौत से जुड़ा था। संघीय एजेंटों द्वारा रेनी गुड और एलेक्स प्रेटी की हत्या को लेकर विपक्षी दल काफी समय से आक्रोशित थे।

ट्रंप का पलटवार

राष्ट्रपति ट्रंप ने इन आरोपों पर तुरंत पलटवार किया और विरोध कर रहे डेमोक्रेट्स को सार्वजनिक रूप से 'पागल' करार दिया। उन्होंने विपक्षी सांसदों पर चुनाव में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने का आरोप भी मढ़ दिया। ट्रंप ने अपनी नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि दक्षिणी सीमा को सील करना देश के हित में है।

शांति की योजना विफल

शुरुआत में डेमोक्रेटिक सांसदों ने एक घंटे तक शांति बनाए रखने की योजना बनाई थी लेकिन ट्रंप के तीखे बोल ने इसे तोड़ दिया। सांसद अल ग्रीन को तो संबोधन के शुरूआती पलों में ही विरोध करने के कारण चैंबर से बाहर कर दिया गया। जब ट्रंप ने 'अवैध एलियंस' पर टिप्पणी की तो सांसदों का धैर्य पूरी तरह से जवाब दे गया।

अधूरी रही बात

ट्रंप ने अपने भाषण में प्रवासियों को निर्वासित करने और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की अपनी सफलता का बखान किया। हालांकि उन्होंने संघीय एजेंटों द्वारा प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर की गई हत्याओं का कोई जिक्र नहीं किया। इस चुप्पी ने विपक्षी सांसदों के गुस्से की आग में घी डालने का काम किया।

नेताओं की राय

ट्रांसपोर्टेशन सेक्रेटरी सीन डफी ने इस पूरी घटना को अत्यंत विचलित करने वाला बताया और राष्ट्रपति के सम्मान की बात कही। वहीं नैन्सी पेलोसी ने इस हंगामे को कमतर बताते हुए कहा कि यह घटना शायद ही ध्यान देने योग्य थी। पिछले साल के कड़वे अनुभवों के कारण दर्जनों डेमोक्रेट्स ने पहले ही इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया था।

समुदाय का अपमान

मिनेसोटा के सोमाली समुदाय पर धोखाधड़ी के आरोप लगाने के बाद इल्हान उमर ने सदन में अपना आपा खो दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति एक पूरे समुदाय को निशाना बनाकर देश में विभाजन और नफरत की राजनीति कर रहे हैं। इस घटना ने अमेरिकी राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती खाई को उजागर कर दिया।

वैश्विक मीडिया का ध्यान

अमेरिकी मीडिया में इस घटना की चर्चा जोरों पर है क्योंकि यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक संबोधन के दौरान हुई। जानकारों का मानना है कि इस हंगामे का असर आने वाले चुनावों और इमिग्रेशन नीतियों पर जरूर पड़ेगा। जनता भी इस मुद्दे पर बंटी हुई नजर आ रही है जहां कुछ सुरक्षा तो कुछ मानवाधिकारों की बात कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ दास और आशुतोष रांका हिरासत में

Jantar Mantar: जंतर-मंतर पर नहीं तो और कहां होगा प्रदर्शन? दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका, मंगलवार को सुनवाई

राहुल गांधी की याचिका में चौदह त्रुटि! कोर्ट ने 220 रुपये की कमी की ओर इशारा किया, आज भी कई याचिका पर सुनवाई

Weather Alert: दिल्ली-UP समेत 15 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें मौसम का हाल

भारत-पाक सीमा पर लैंडमाइन धमाका! चार आतंकियों के उड़े चिथड़े, घुसपैठ की कोशिश के दौरान ब्लास्ट