US Air Strikes Iran Trump Warning: मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई को विस्तार देते हुए गुरुवार को भी ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि ये हमले शाम लगभग 6:45 बजे शुरू हुए, जिनका मुख्य उद्देश्य इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा वाणिज्यिक जहाजों को दिए जा रहे खतरों को कम करना और क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य टकराव के बीच एक बड़ा आर्थिक प्रहार करने का ऐलान किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि लाल सागर और आसपास के जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों या कार्गो को होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई अमेरिका के कब्जे वाली ईरानी संपत्तियों से की जाएगी।
ट्रंप ने इस कदम को 'पूरी तरह उचित और निष्पक्ष' करार देते हुए कहा कि जहाजों को होने वाला नुकसान काफी अधिक हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी ईरान को ही उठानी होगी।
सेंटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 9 दिनों से ईरान के खिलाफ शुरू की गई नौसैनिक नाकाबंदी के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस अवधि के दौरान अमेरिकी सेना ने 12 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला है और एक जहाज को निष्क्रिय कर दिया है। इसका उद्देश्य ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह नियंत्रित करना है ताकि वे प्रतिबंधित सामग्री या हथियारों की सप्लाई न कर सकें।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान के मन में बुरे इरादे हैं, लेकिन उनके प्रशासन के रहते ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। ट्रंप ने पिछली अमेरिकी सरकारों की नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि यह कार्रवाई बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब अमेरिका इसे अंजाम तक पहुंचाएगा।
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ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हाल ही में किए गए हमले ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि हूतियों ने ऐसी हिमाकत दोबारा की, तो उन्हें और उनके पीछे खड़े ईरान को 'बड़ी सैन्य कार्रवाई' का सामना करना होगा। उन्होंने साफ किया कि हूती विद्रोही ईरान के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे हैं और अब अमेरिका सीधे तौर पर ईरान को इन हमलों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।