US Attacks Iran American Military Strikes After Apache Crash: मध्य पूर्व में स्थित होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर से भयंकर जंग का अखाड़ा बन गया है। मंगलवार रात यहां अमेरिका का एक अपाचे हेलिकॉप्टर अचानक क्रैश हो गया जिसके बाद काफी ज्यादा विवाद बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने उनके इस हेलिकॉप्टर को मार गिराया है। इसके बाद अमेरिकी सेना ने पूरे ईरान के खिलाफ अपनी नई और बहुत बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।
ट्रंप के इस दावे को ईरान ने पूरी तरह से नकारते हुए साफ कहा है कि यह हमला करने का एक झूठा बहाना है। लेकिन अमेरिका ने इसे नजरअंदाज करते हुए ईरान के अलग-अलग ठिकानों पर अपने कई खतरनाक हमले कर दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि इस घटना का करारा जवाब देना बहुत ही ज्यादा जरूरी था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस भयंकर सैन्य कार्रवाई का तीसरा दौर अब पूरी तरह से शुरू हो चुका है।
अमेरिकी हमलों में मुख्य रूप से होर्मुज के आसपास मौजूद कई ईरानी एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया है। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया है कि केशम द्वीप पर छह बड़े धमाकों की भयंकर आवाजें सुनाई दी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह भीषण अटैक ड्रोन से नहीं बल्कि लड़ाकू विमानों से किया गया है। बंदर अब्बास और सिरिक में भी भारी प्रोजेक्टाइल के टकराने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। अमेरिकी हमलों के जवाब में अब ईरान ने भी अमेरिकी बेसों पर अपना सीधा हमला शुरू करने का बड़ा दावा किया है। ईरान की टॉप जॉइंट मिलिट्री कमांड खतम अल-अंबिया ने कहा कि दक्षिणी ईरान में अमेरिकी आक्रामकता का जवाब दिया गया है। उन्होंने इलाके में मौजूद कुछ अहम अमेरिकी ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। मेहर न्यूज़ एजेंसी के अनुसार जास्क इलाके में भी लगातार बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
राहत की बात यह है कि दुर्घटनाग्रस्त अपाचे हेलिकॉप्टर के दोनों पायलटों को अमेरिकी सेना ने सुरक्षित बचा लिया है। इन दोनों पायलटों का रेस्क्यू ड्रोन की मदद से बहुत ही सफलतापूर्वक किया गया था। लेकिन ट्रंप के अनुसार यह हमला जानबूझकर किया गया था और इसका बदला जरूर लिया जाएगा। अमेरिका ने कहा है कि उनका यह वर्तमान सैन्य मिशन अब पूरी तरह से सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।
ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने अमेरिका को बहुत ही सख्त और सीधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि हमारी ताकतवर सेना किसी भी बाहरी हमले या खतरे का जवाब दिए बिना बिलकुल नहीं छोड़ेगी। अराघची ने कहा कि अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे इलाके से तुरंत चले जाएं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका का कहना है कि ये हमले ईरान को सिर्फ एक बड़ी चेतावनी देने के लिए हैं।