US and IAEA plan to remove Secret Syria Nuclear Material: सीरिया में असद के शासनकाल के दौरान चलाए गए गुप्त परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा कुछ बेहद संवेदनशील परमाणु मटेरियल एक गुप्त जगह पर जमीन के अंदर दबा है। इस छिपे हुए परमाणु कचरे को सुरक्षित निकालने के लिए अब अमेरिका, इजरायल और नई सीरियाई सरकार के बीच सहमति बनी है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) जल्द ही इस संवेदनशील स्थल से मटेरियल हटाने का काम शुरू कर सकती है। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक काम अभी जारी है और मटेरियल को अब तक निकाला नहीं गया है। सुरक्षा एजेंसियों की इस योजना से मध्य पूर्व में परमाणु प्रसार का बड़ा खतरा टल जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल पिछले दो वर्षों से सीरिया की संदिग्ध 'साइट 99' पर लगातार नजर रख रहा था। अधिकारियों का दावा है कि पूर्व असद सरकार ने यहां अपनी अल-किबर परमाणु परियोजना से जुड़ा संवेदनशील मटेरियल छिपाकर रखा था। यह गुप्त स्थान हमेशा से इजरायली सेना के निशाने पर रहा है।
बता दें कि इस मलबे में 'येलोकेक' भी शामिल है, जो कि यूरेनियम से तैयार किया गया एक पीला पाउडर होता है। हालांकि इसका इस्तेमाल परमाणु ईंधन बनाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, साइट 99 में मौजूद इस सामग्री से सीधे परमाणु हथियार बनाना संभव नहीं है।
इससे पहले साल 2007 में इजरायल ने सीरिया के अल-किबर में एक गुप्त परमाणु रिएक्टर को हवाई हमले में पूरी तरह से नष्ट कर दिया था। उस हमले के बाद भी परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा कुछ मटेरियल बचा रहा था। बाद में आईएईए की जांच के दौरान सीरिया में यूरेनियम के संदिग्ध कण भी मिले थे।
हाल ही में इजरायल को यह डर सता रहा था कि सीरिया की नई सरकार या कोई अन्य लड़ाका समूह इस छिपी हुई परमाणु सामग्री तक पहुंच सकता है। इजरायल ने चेतावनी दी थी कि वह इस परमाणु सामग्री को वहां नहीं रहने देगा और जरूरत पड़ने पर वह साइट 99 पर दोबारा हवाई हमला कर सकता है।
इजरायली हमले की इस बड़ी सैन्य चेतावनी के बाद अमेरिका सक्रिय हुआ और उसने इजरायल को किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई न करने की सलाह दी। इसके बाद अमेरिका के प्रयासों से इस जटिल सुरक्षा मामले में आईएईए को शामिल किया गया, जिसके बाद शांतिपूर्ण समाधान खोजने की कूटनीतिक कोशिशें शुरू हुईं।
अंततः लगभग तीन सप्ताह पहले आईएईए और सीरिया की नई सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इसके तहत साइट 99 में दबे परमाणु मटेरियल को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक यह पूरा सुरक्षा अभियान सुरक्षित रूप से समाप्त हो जाएगा।