Iran Drone Attack Indian Ships Targeted: भारतीय जहाजों पर मंडराते खतरे के बीच होर्मुज स्ट्रेट में तनाव काफी बढ़ गया है। भारतीय जहाजों को निशाना बनाकर ईरान के ड्रोन हमलों पर अमेरिकी सेना ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया है। अमेरिकी बलों ने वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने वाले कई ईरानी ड्रोन को रास्ते में नष्ट कर दिया। इस हमले के कारण पूरे समुद्री इलाके में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है क्योंकि निशाने पर तीन भारतीय जहाज भी थे। इस बीच भारत ने भी अपने तीन नाविकों की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्को रुबियो से इस अहम मुद्दे पर बातचीत की है।
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने के लिए ईरान ने कई वन-वे अटैक ड्रोन दागे थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन सभी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। इसके बाद अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए यह महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता खुला हुआ है। जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी बल पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस घटना को लेकर ईरान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर किया गया यह ड्रोन हमला बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे तुरंत अपने इस आक्रामक रवैये में बदलाव करना होगा। इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गंभीर मुद्दे की चर्चा और अधिक बढ़ गई है।
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत ने भी इस सप्ताह दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध जताया है। ओमान की खाड़ी में भारतीय क्रू वाले तीन व्यापारिक जहाजों पर हुई कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की जान गई है। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और उचित कदम उठा रही है। इसी कड़ी में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष से फोन पर बात कर कड़ी आपत्ति जताई है।
यह भी पढ़ें: कंगाली में भी सेना पर मेहरबान शहबाज सरकार, रक्षा बजट में 18% की भारी बढ़ोतरी, विकास कार्यों पर चली कैंची
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। यहां से प्रतिदिन भारी मात्रा में तेल और अन्य आवश्यक सामानों की आवाजाही होती है। ऐसे में ईरान द्वारा किए गए इस ड्रोन हमले से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। सभी प्रमुख देश इस गंभीर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे।