Ukraine War Zelensky Fires Army Chief Oleksandr Syrskyi Amid Protests: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भयंकर युद्ध के दौरान एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने सेना के मौजूदा कमांडर-इन-चीफ जनरल ओलेक्सांद्र सिर्स्की को उनके पद से हटा दिया है। यह बड़ा फैसला कीव सहित देश के कई शहरों में चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया है।
ओलेक्सांद्र सिर्स्की की जगह अब मिखाइलो ड्रापाती को यूक्रेन का नया सेना प्रमुख और कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है। जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस अहम फैसले की पूरी विस्तृत जानकारी देश की जनता के साथ साझा की है। उन्होंने बताया कि सैन्य कमांडरों के साथ लगातार कई बैठकों के बाद उन्होंने यह बहुत बड़ा फैसला लिया है। उनका एकमात्र लक्ष्य दुश्मन पर पूरी तरह से जीत हासिल करना और रूस पर भारी दबाव बनाना है।
जेलेंस्की ने ओलेक्सांद्र सिर्स्की के अब तक के सैन्य योगदान की बहुत ही दिल से सराहना की है। उन्होंने कीव की रक्षा, खारकीव और कुर्स्क जैसे अहम सैन्य अभियानों में उनके बड़े योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की मजबूत सैन्य फ्रंटलाइन बनाए रखने के लिए वह उनके हमेशा आभारी रहेंगे। इन अहम उपलब्धियों के बावजूद सैन्य सुधारों को लेकर लोगों का गुस्सा उनके खिलाफ लगातार बढ़ता ही जा रहा था।
यूक्रेन के नए सेना प्रमुख मिखाइलो ड्रापाती ने फेसबुक पर अपना पहला आधिकारिक बयान पूरी तरह से साझा किया है। उन्होंने लिखा कि यूक्रेन की सेवा करना उनके लिए हमेशा से एक बहुत बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने सिर्स्की का भी धन्यवाद किया और कहा कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ सेना का कुशल नेतृत्व करेंगे। आजादी की इस भयंकर जंग में यह उनके लिए अब तक की सबसे बड़ी और अहम जिम्मेदारी है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने नए सैन्य नेतृत्व को अपनी रक्षा रणनीति तुरंत अपडेट करने के कई सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सेना में तेजी से सुधार जारी रखने और हथियारों की तेज आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही नए ड्रोन मंगाने, एयर डिफेंस को और भी ज्यादा मजबूत करने के बड़े आदेश दिए गए हैं। देश के युवाओं के लिए एक बहुत ही स्पष्ट सैन्य भर्ती योजना तैयार करने का भी सख्त निर्देश मिला है।
दरअसल, ओलेक्सांद्र सिर्स्की को हटाने की मांग पिछले कई दिनों से हो रहे उग्र प्रदर्शनों के दौरान उठ रही थी। प्रदर्शनकारियों का गंभीर आरोप था कि वह पुरानी सोवियत शैली के सैन्य नेतृत्व का लगातार पालन कर रहे थे। पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने भी सार्वजनिक रूप से उनकी कड़ी आलोचना करते हुए तेज सुधारों की मांग की थी। यही भारी विरोध धीरे-धीरे देशव्यापी आंदोलन बन गया जिसके बाद जेलेंस्की को यह बड़ा फैसला लेना पड़ा।
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इस युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट पर एक बहुत ही दर्दनाक और भयानक घटना सामने आई है। यूक्रेन के पास एक व्यापारिक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर हुए मिसाइल अटैक में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस हमले से नाराज भारत सरकार ने नई दिल्ली में रूसी राजदूत को तुरंत तलब करके अपना कड़ा विरोध जताया है। इस भयंकर युद्ध के कारण अब निर्दोष विदेशी नागरिकों को भी बिना वजह अपनी जान गंवानी पड़ रही है।