सुखोई Su-35, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

यूक्रेन ने मार गिराया सुखोई Su-35,रूस में मचा हड़कंप, अब क्या करेंगे पुतिन?

यूक्रेन ने घोषणा की है कि उसने रूसी वायुसेना के एसयू-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाकर ढेर कर दिया है। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, शनिवार को कुर्स्क क्षेत्र में यह इस रूसी लड़ाकू विमान मार गिराया गया है।

अमन उपाध्याय

कीव: शनिवार की सुबह, यूक्रेन की सेना ने घोषणा की कि उसने रूस के कुर्स्क क्षेत्र के पास एक आधुनिक सुखोई Su-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। यूक्रेनी सैन्य कमांडर ने बताया कि यह हमला 7 जून की सुबह किए गए सफल हवाई अभियान का हिस्सा था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रूस की चुप्पी इस घटना की पुष्टि जैसी मानी जा रही है। Su-35  विमान का नुकसान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर व्लादिमीर पुतिन के लिए भारी झटका साबित हो रहा है, खासकर उस समय जब वे इसके विदेशों में निर्यात को लेकर बड़ी योजना बना रहे थे।

सुखोई Su-35 रूस का 4.5-पीढ़ी का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है, जिसे विशेष रूप से लक्ष्यों पर सटीक हमलों के लिए तैयार किया गया है। इसमें नवीनतम एवियोनिक्स तकनीक और शक्तिशाली AL-41F1S इंजन लगे हैं। यह विमान अधिकतम मैक 2.25 की गति तक उड़ान भर सकता है।

इस फाइटर जेट में थ्रस्ट-वेक्टरिंग तकनीक मौजूद है, जो इसे अधिक maneuverable (फुर्तीला) बनाती है और उड़ान के दौरान इसकी क्षमता को बढ़ाती है। इसमें लगा इरबिस-ई रडार लगभग 400 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के टारगेट को ट्रैक कर सकता है। Su-35 के हथियारों में एयर-टू-एयर मिसाइलें, प्रिसिजन गाइडेड बम और युद्धपोतों पर हमला करने वाली मिसाइलें शामिल हैं।

रूसी वायुसेना की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक

Su-35 एक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है, जो अपनी शानदार गतिशीलता और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों के कारण विशेष रूप से जाना जाता है। सीरिया और यूक्रेन जैसे संघर्ष क्षेत्रों में इसकी तैनाती ने इसे रूसी वायुसेना की प्रमुख संपत्तियों में शामिल कर दिया है। Su-35 को अमेरिकी F-15 और यूरोपीय यूरोफाइटर टाइफून जैसे पश्चिमी विमानों का मजबूत प्रतिद्वंद्वी फाइटर जेट माना जाता है। दलाई लामा को किया साइडलाइन, पंचेन लामा से जिनपिंग की मुलाकात…तिब्बत में चीन का बड़ा गेम प्लान

भारत को भी दिया है ऑफर

सुखोई कंपनी ने भारत को इस विमान की पेशकश की है। कंपनी ने तकनीकी हस्तांतरण के साथ-साथ भारत में इस विमान के निर्माण की अनुमति देने का भी प्रस्ताव रखा है। हालांकि, भारत की तरफ से अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। एसयू-35 की अधिकतम गति लगभग 2,500 किलोमीटर प्रति घंटे (1,553 मील प्रति घंटे) है। इसके अलावा, यह विमान दो अतिरिक्त बाहरी ईंधन टैंकों के इस्तेमाल से अपनी उड़ान की दूरी 3,600 किलोमीटर से बढ़ाकर 4,500 किलोमीटर तक ले जा सकता है।

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