Ukraine Attack on Russia oil Refinary: रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित इल्स्की ऑयल रिफाइनरी पर यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। यह 2026 में आग की चपेट में आने वाली रूस की पहली ऑयल रिफाइनरी बताई जा रही है। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर से आग और धुएं के बड़े गुबार उठते देखे गए। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं ने आग पर काबू पाने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। फिलहाल नुकसान के आकलन और हताहतों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति की ओर इशारा करती है, जिससे रूस की तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
यूक्रेनी सेना ने रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित तुआप्से ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले किए, जिसके बाद रिफाइनरी में आग लग गई। यह रिफाइनरी रूस की 10 सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है और रूसी सेना के ईंधन सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण है। यूक्रेनी सेना का दावा है कि हमले में रिफाइनरी की मुख्य प्रोसेसिंग यूनिट को भारी नुकसान पहुंचा है। यह रिफाइनरी पहले भी यूक्रेनी हमलों का शिकार हो चुकी है। यूक्रेन ने तमन प्रायद्वीप में स्थित तमननेफ्तेगाज ऑयल टर्मिनल पर भी ड्रोन हमलों के जरिए हमला किया। यह टर्मिनल कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण और निर्यात के लिए अहम है। हमले के दौरान टर्मिनल के दो बर्थ और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। इस हमले में यूक्रेनी स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स की भूमिका सामने आई है।
यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के रणनीतिक तेल भंडार के हिस्से के रूप में रयबिन्स्क शहर में स्थित रोसरेज़रव के टेम्प ऑयल डिपो को भी निशाना बनाया। हमले के बाद यहां भी बड़ी आग लगने की खबर है। इसके अतिरिक्त, यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले क्रीमिया और डोनेत्स्क क्षेत्रों में सैन्य अड्डों, गोला-बारूद और लॉजिस्टिक्स डिपो पर हमले किए हैं। साल 2025 में यूक्रेन ने रूस के भीतर तेल और ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन हमलों को तेज कर दिया है, जो युद्ध को रूस तक पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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इससे पहले यूक्रेन की मिलिट्री इंटेलिजेंस (HUR) के सूत्रों ने मीडिया को बताया कि 30 दिसंबर की रात को यूक्रेन ने रूस के अंदर तेल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया। इस ऑपरेशन में रूस के ब्लैक सी कोस्ट पर स्थित क्रास्नोडार क्राय में तुआप्से ऑयल रिफाइनरी को टारगेट किया गया। हमले में रिफाइनरी के अलावा ट्रांसपोर्ट पाइपलाइन, एक सी टर्मिनल और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा था।