Ukraine Drone Strikes Russia Oil Depot: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को यूक्रेन ने रूस के विभिन्न क्षेत्रों पर अब तक का सबसे बड़ा और भीषण ड्रोन हमला किया है। रूसी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हवाई हमलों ने रूस के कई शहरों को दहला दिया है, जिसमें कम से कम 9 लोगों की जान चली गई है और 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यूक्रेनी ड्रोनों ने इस बार रूस के रणनीतिक और व्यावसायिक ठिकानों को अपना निशाना बनाया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन ने रूस की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज के दो विशाल वेयरहाउसों पर हमला किया।
इनमें से एक तांबोव क्षेत्र के कोतोव्स्क में स्थित है और दूसरा मॉस्को से महज 50 किलोमीटर दूर एलेक्ट्रोस्टाल शहर में है। इन हमलों के बाद वेयरहाउसों में भीषण आग लग गई, जिसमें कोतोव्स्क में रात की शिफ्ट में काम कर रहे 7 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके अलावा, मॉस्को क्षेत्र के नोगिंस्क शहर में एक तेल डिपो पर भी ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद तेल डिपो में लगी आग इतनी भयावह थी कि एहतियात के तौर पर पास के एक मातृत्व अस्पताल और एक आवासीय इमारत को तुरंत खाली कराना पड़ा।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि यूक्रेनी सेना ने मॉस्को और तांबोव क्षेत्रों में स्थित उन लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बनाया है, जिनका इस्तेमाल रूस युद्ध के लिए कर रहा था। जेलेंस्की के मुताबिक, इन ठिकानों का उपयोग रूस प्रतिबंधित पुर्जों की आपूर्ति और सैन्य ड्रोनों के निर्माण के लिए कर रहा था।
यूक्रेन की सेना ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ब्लैक सी और आज़ोव सागर में रूसी सैन्य रसद ले जा रहे दो टैंकरों और अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया है।
दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने रात भर में यूक्रेन के 379 ड्रोनों को मार गिराया है। रूसी मंत्रालय के अनुसार, ये ड्रोन रूस के 19 अलग-अलग क्षेत्रों, क्रीमिया और समुद्री क्षेत्रों के ऊपर उड़ रहे थे। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में ड्रोन गिराने के दावे के बावजूद, जमीन पर हुई तबाही और मौतों ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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युद्ध के इस नए चरण में नागरिक और रिहायशी इलाके भी प्रभावित हो रहे हैं। मॉस्को क्षेत्र में ड्रोन का मलबा एक किंडरगार्टन पर भी गिरा, जिससे वहां आग लग गई। हालांकि, गनीमत रही कि उस समय वहां बच्चे मौजूद नहीं थे। बेलगोरोद क्षेत्र में भी एक अन्य हमले में एक व्यक्ति की मौत की खबर है। जैसे-जैसे यह युद्ध लंबा खिंच रहा है दोनों देशों के बीच हवाई और मिसाइल हमले और भी घातक होते जा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।