UK Terror Plot Yom Kippur Target: ब्रिटेन के उत्तरी हिस्से में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने की एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यहूदियों के सबसे पवित्र त्योहार योम किप्पुर से ठीक पहले पुलिस व जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई कर हमला टाल दिया।
साजिश रचने और IED बम तैयार करने के आरोप में दो ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय सालेही और 36 वर्षीय सलाम अहमद्यान के रूप में की गई है।
ब्रिटेन में अक्टूबर 2023 से यहूदी-विरोधी घटनाओं में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे व्यापक डर का माहौल है। गृह मंत्री शबाना महमूद अनुसार ब्रिटेन को ईरानी शासन और उसके नेटवर्क से गंभीर सुरक्षा खतरा बना हुआ है।
ब्रिटेन के उत्तरी क्षेत्र में यहूदी समुदाय पर बड़े पैमाने पर हमला करने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस और काउंटर टेररिज्म एजेंसियों ने शुक्रवार को बताया कि आतंकियों की मंशा योम किप्पुर त्योहार के अवसर पर तबाही मचाने की थी।
योम किप्पुर यहूदी कैलेंडर का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियों अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपी 35 साल के सालेही और 36 साल के सलाम अहमद्यान बम बनाने की सामग्री जुटा रहे थे।
उन्होंने IED तैयार करने के लिए आवश्यक उपकरण व पुर्जे इकट्ठे किए थे तथा संभावित जगहों की बाकायदा रेकी भी की थी। पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब ब्रिटेन में यहूदी विरोधी अपराधों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमास के आतंकी हमले और गाजा में छिड़ी जंग के बाद से स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
इस साल की शुरुआत में राजधानी लंदन में यहूदी धार्मिक स्थलों पर कई हमले दर्ज किए जा चुके हैं। ब्रिटेन में यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर लगातार गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।
हाल ही में अमेरिका से जुड़े एक ब्रिटिश सैन्य अड्डे को निशाना बनाने की संदिग्ध साजिश का मामला भी प्रकाश में आया था। इन सिलसिलेवार घटनाओं ने देश भर के सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
साजिश नाकाम होने के बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यह बात किसी से छिपी नहीं है कि ब्रिटेन को ईरानी शासन से गंभीर सुरक्षा खतरा है।
ईरानी नेटवर्क हमारे यहूदी समुदायों को निशाना बनाता है और विदेशों में अपने आलोचकों की आवाज दबाने की कोशिश करता है। गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि ईरान इन आपराधिक हरकतों के लिए अपने प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल करता है ताकि उसका नाम सामने न आए।
हालांकि ईरान ने इन सभी आरोपों को हमेशा सिरे से खारिज किया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगा रही है कि इस साजिश के तार और कहां-कहां फैले हुए हैं।