UK Breaking Up Independence Demand: एक समय में दुनिया पर राज करने वाले ब्रिटेन के सामने आज खुद को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में एक बार ब्रिटेन से आजादी की आवाजें तेज हो रही ही हैं। यहां के नेताओं ने हाल ही में एक मीटिंग करते हुए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। जो इन तीनों देशों के ब्रिटेन से आजादी का समर्थन करता है।
वेल्स के कार्डिफ शहर में हुई इस मीटिंग में तीनों देशों ने एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। MoU के मुताबिक तीनों देशों के पास आत्मनिर्णय का अधिकार है और ये ब्रिटेन से आजादी को लेकर जल्द ही अपने यहां एक जनमत संग्रह करवा सकते हैं। स्कॉटलैंड ने पहले ही 2014 में जनमत संग्रह करवाया था।
स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि तीनों देश पहली बार ब्रिटेन से आजादी की मांग को लेकर एक साथ आए हैं। ब्रिटेन में हालिया राजनीतिक उठा-पटक ने स्थिति को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर (भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री की तरह) जॉन स्विनी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था अब लंबी नहीं चल सकती और वेस्टमिंस्टर को यूके के बाद के भविष्य को स्वीकार करना होगा।
स्विनी ने कहा कि ब्रिटेन के मौजूदा प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम को इस कड़वे सच का सामना करना पड़ेगा कि वह संयुक्त ब्रिटेन के आखिरी प्रधानमंत्री हो सकते हैं। वहीं, बर्नहैम ने भी सांसदों से कहा कि अगर इसके पक्ष में स्पष्ट सहमति होती है तो वह एक और स्कॉटिश इंडिपेंडेंस रेफरेंडम को अपनी मंजूरी देंगे।
जानकारी के मुताबिक, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में ब्रिटेन से आजादी की आवाज फिर से उठाने और हवा देने के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाथ है। ट्रंप ने हाल ही में अपने डबलिन दौरे के दौरान कहा था कि वह एक बिखरे हुए आयरलैंड की जगह एक संयुक्त आयरलैंड देखना अधिक पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि जल्द ही यह हो भी सकता है।
ट्रंप ने कहा कि वह एक संयुक्त आयरलैंड देखना पसंद करेंगे, उन्होंने उत्तरी आयरलैंड के गणराज्य में शामिल होने को एक बड़ी बात बताया और पूछा- यह बुरा कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा बर्नहैम की सरकार पर दबाव बढ़ गया है, क्योंकि राष्ट्रवादी पार्टियां अपने देशों के भविष्य पर अधिक दखल देने की मांग कर रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप आयरलैंड गणराज्य और उत्तरी आयरलैंड के एक होने का समर्थन अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। दरअसल, नवंबर में अमेरिका में मध्यवर्ती चुनाव होने वाले हैं। जिसमें ट्रंप की पार्टी की हार लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में ट्रंप ने अमेरिका में बड़ी संख्या में रहने वाली आयरिश आबादी को अपने पक्ष में करने के लिए यह दांव चल रहे हैं। इससे पहले 1998 में बिल क्लिंटन ने गुड फ्राइडे समझौता करवाते हुए अमेरिकी-आयरिश जनता को अपनी तरफ किया था, ट्रंप भी अब वैसा ही कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं।
मई के चुनावों में वेल्स में लेबर पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद, अलग हुए देशों में सत्ता का संतुलन काफी बदल गया है। पहली बार, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में आजादी के समर्थक पार्टियां अब सरकार में हैं। प्लेड सिमरू कार्डिफ सेनेड में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिससे उसके लीडर रुन एपी आयोवर्थ के वेल्स के फर्स्ट मिनिस्टर बनने का रास्ता साफ हो गया।