Trump in Israel: इजरायल के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है। हमास के साथ दो साल से जारी जंग अंततः इजरायली बंधकों की रिहाई के साथ खत्म हो गई। इस जश्न में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल पहुंचे, लेकिन इस दौरान उन्हें नारेबाज़ी और अपमान का सामना करना पड़ा।
डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को गाजा समझौते के औपचारिक रूप से लागू होने और इजरायली बंधकों की रिहाई के मौके पर हो रहे जश्न में शामिल हुए। इस दौरान वे इजरायल की संसद (कनेसेट) पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया। इस मौके पर ट्रंप ने एक भावुक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने हालिया संघर्षविराम और शांति प्रयासों को एक "नए मिडिल ईस्ट" का ऐतिहासिक उदय बताया।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "आज बंदूकें खामोश हैं, सायरन नहीं बज रहे, और ईश्वर की कृपा से यह क्षेत्र अब हमेशा के लिए शांति की ओर बढ़ेगा।" उन्होंने 20 बंधकों की सुरक्षित वापसी को इस समझौते की बड़ी सफलता बताया और इसे "सद्भाव की शुरुआत" करार दिया। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू की भी खुलकर तारीफ़ की, यह कहते हुए कि "उनसे निपटना आसान नहीं है, लेकिन यही उन्हें महान बनाता है। यह एक असामान्य समय है, एक निर्णायक मोड़।
लेकिन ट्रंप को अपने भाषण के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। उनके भाषण के दौरान गाजा समर्थक सांसद अपनी जगह से उठ खड़े हुए और ट्रंप के खिलाफ नारेबाज़ी की, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत सभा से बाहर कर दिया।
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इससे पहले नेतन्याहू ने भी ट्रंप की सराहना करते हुए कहा, हमारे दुश्मनों को अब एहसास हो गया है कि इजरायल की ताकत कितनी जबरदस्त है। 7 अक्टूबर का हमला उनकी सबसे बड़ी भूल थी। उन्होंने आगे कहा, मैंने अब तक किसी को ट्रंप की तरह दुनिया को इतनी तेजी, दृढ़ता और निर्णायकता से बदलते नहीं देखा। वह हमारे सच्चे मित्र हैं। ट्रंप के इस दौरे को मिडिल ईस्ट में शांति की एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कूटनीति और सहयोग की संभावनाएं फिर से जाग उठी हैं।