Israel Iran Nuclear Attack: ईरान और अमेरिका‑इजरायल के बीच जारी जंग अब 18वें दिन और भी तीव्र रूप ले चुकी है। तनाव बढ़ते हुए ऐसा लग रहा है कि संघर्ष सामान्य सीमा से बाहर निकल सकता है। इन घटनाओं के बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसने तेहरान में साइबर पुलिस मुख्यालय पर हवाई हमला किया है, जो इस जंग की गंभीरता को और बढ़ा रहा है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस संघर्ष को लेकर कई बड़े बयान दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान के लगभग 7,000 ठिकानों पर अमेरिकी और साझीदार बलों द्वारा हमले किए जा चुके हैं। इसके अलावा ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की लगभग 90% मिसाइल क्षमता नष्ट कर दी गई है, जिससे ईरान की मिसाइल और ड्रोन संचयन तथा प्रक्षेपण की क्षमता अब लगभग समाप्त हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान का डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उसकी सैन्य आपूर्ति और उत्पादन नेटवर्क गंभीर नुकसान में है। उन्होंने यह दावा भी किया कि खाड़ी के समुद्री मार्गों में तैनात ईरानी नौसैनिक शक्ति को भारी क्षति हुई है, जिसमें लगभग 100 से अधिक युद्धपोत और 30 माइन‑लेइंग शिप शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ईरान के 100 से अधिक जहाज भी नष्ट कर दिए गए हैं।
दूसरी ओर ईरान लगातार अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। बीते दिनों ईरानी बलों ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए लगभग 700 मिसाइलें और 3,600 ड्रोन का उपयोग किया है, जिससे क्षेत्र में स्थिति अत्यधिक उग्र बनी हुई है।
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जंग के बीच एक बड़ी चिंता यह भी उठ रही है कि कहीं इजरायल परमाणु हथियार का इस्तेमाल ना कर दे। इस संदर्भ में सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्हें विश्वास नहीं है कि इजरायल परमाणु हथियार का उपयोग करेगा। ट्रंप ने दोहराया, “इजरायल ऐसा नहीं करेगा, वह ऐसा कभी नहीं करेगा।” यह बयान व्हाइट हाउस के इंटेलिजेंस और रणनीतिक विश्लेषण से जुड़े चर्चित इंटरव्यू के बाद आया है, जिसमें युद्ध की संभावित उग्रता पर चिंता जताई गई थी।