Donald Trump Brazil Presidential Election Mistake: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी चुनावी सिस्टम की आलोचना करने की जल्दबाजी में दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के बजाय भारत में राष्ट्रपति का चुनाव करा दिया। उन्होंने दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया। यह गलत जानकारी वाली पोस्ट उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट की।
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव पर टिप्पणी करना चाहते थे, जहां आज राष्ट्रपति चुनाव का पहला दौर संपन्न हुआ है और अगला अंतिम दौर 25 अक्टूबर को होना है। भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के वोट से नहीं होता है।
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, आज भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया। वोटिंग बंद होने के कुछ ही समय बाद, उसी दिन नतीजे भी आ गए। हालांकि डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई दूसरे शहरों और राज्यों में इससे बहुत कम वोटों के नतीजे आने में अक्सर कई हफ्ते लग जाते हैं। धांधली करने में, मेरा मतलब है गिनती करने में। अमेरिका में वोटिंग भ्रष्ट है।
व्हाइट हाउस के आधिकारिक रैपिड रिस्पॉन्स अकाउंट ने भी ट्रंप की इस पोस्ट को दोबारा शेयर किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ट्रंप की गलती बताते और उन्हें सही जानकारी देते नजर आए।
ट्रंप की यह पोस्ट ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर के बाद आई। इस चुनाव में दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से आगे रहे लेकिन सीधे जीत के लिए जरूरी 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल नहीं कर सके।
98.81 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने तक बोल्सोनारो को 47.24 प्रतिशत वोट मिले जबकि लूला को 44.91 प्रतिशत वोट मिले। दोनों में से कोई भी जरूरी आंकड़ा पार नहीं कर सका इसलिए अब दोनों के बीच 25 अक्टूबर को दूसरे दौर का मुकाबला होगा।
यह नतीजा फ्लावियो बोल्सोनारो के लिए मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है। वह ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। जायर बोल्सोनारो पिछले चुनाव के नतीजे को सैन्य तख्तापलट के जरिए पलटने की नाकाम कोशिश की साजिश रचने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 27 साल की जेल की सजा काट रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप जायर बोल्सोनारो को कई बार अपना दोस्त बता चुके हैं। उन्होंने बोल्सोनारो की गिरफ्तारी को लेकर लूला दा सिल्वा सरकार की आलोचना की थी।
लूला अब अपने मौजूदा समर्थकों को साथ बनाए रखने के साथ उन वोटरों को भी अपने पक्ष में लाने की कोशिश करेंगे, जिन्होंने पहले दौर में बाहर हो चुके दूसरे उम्मीदवारों को वोट दिया था। लूला के सामने अब बड़ी चुनौती दक्षिणपंथी खेमे को ब्राजील की सत्ता में आने से रोकने की है।