डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप का प्रोजेक्ट फ्रीडम लॉन्च: अब होर्मुज में फंसे जहाजों को बचाएगा अमेरिका, ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकराया

Trump Launches Project Freedom: ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के जरिए होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने का आदेश दिया है और ईरान के 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है।

अमन उपाध्याय

Trump Launches Project Freedom Strait of Hormuz: खाड़ी क्षेत्र में जारी भीषण तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की घेराबंदी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप ने सोमवार सुबह से 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नाम से  एक विशेष बचाव अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होर्मुज में फंसे कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

क्या है 'प्रोजेक्ट फ्रीडम ?

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी देते हुए बताया कि दुनिया के कई देशों ने अमेरिका से अपने फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए मदद की गुहार लगाई थी। ट्रंप ने यह भी बताया कि यह एक 'मानवीय अभियान' है। उनका कहना है कि इन जहाजों का वर्तमान मीडिल ईस्ट के विवाद से कोई लेना-देना नहीं है यह वे केवल दोनों देशों के तनाव के बीच फंस गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई हफ्तों से फंसे इन जहाजों पर अब भोजन और आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है जिससे वहां तैनात चालक दल (क्रू) के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार सुबह से शुरू कर दिया जाएगा।

ईरान का 14-सूत्रीय प्रस्ताव खारिज

ट्रंप बोले ने ईरान के प्रस्ताव पर कहा कि 'मैं संतुष्ट नहीं' एक तरफ जहां अमेरिका बचाव अभियान की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक मोर्चे पर गतिरोध बरकरार है। ट्रंप ने ईरान द्वारा पाकिस्तान के माध्यम से भेजे गए 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति ने इजरायली मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को अच्छे से देखा लेकिन वे इसकी शर्तों से संतुष्ट नहीं हैं और यह अमेरिका को स्वीकार्य नहीं है।

ईरान का यह प्रस्ताव अमेरिका के 9-सूत्रीय शांति प्लान के जवाब में तैयार किया गया था। ईरान की मुख्य मांगों में जंग को खत्म करने व 30 दिनों के भीतर सभी मुद्दों का समाधान, अमेरिका द्वारा हमला न करने की गारंटी और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना शामिल था। ईरान ने यह भी साफ किया था कि इस प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि यह केवल क्षेत्रीय तनाव को समाप्त करने के लिए है।

ट्रंप की सख्ती की चेतावनी

ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका के इस मानवीय रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी पक्ष ने बाधा डालने की कोशिश की तो उसका जवाब पूरी सैन्य ताकत के साथ दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके प्रतिनिधि ईरान के साथ बातचीत बहुत ही सकारात्मक रही है। जिससे भविष्य में किसी ठोस नतीजे की उम्मीद की जा सकती है। अमेरिका के निक स्टीवर्ट भी उस टीम का हिस्सा हैं जो ईरान के साथ बात कर रही है।

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