Former US NSA John Bolton on Trump Tariffs: अमेरिका और डेनमार्क के बीच ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर तनाव अपने चरम पर है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क का समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों पर नाराज होकर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी। इस कदम को ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बॉल्टन ने बेतुका बताया। बॉल्टन के अनुसार, ग्रीनलैंड पश्चिम के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की धमकी आर्कटिक में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना मुश्किल बना देती है।
ट्रंप की टैरिफ धमकियों पर यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चीन और रूस इस स्थिति का फायदा उठाएंगे, क्योंकि सहयोगियों के बीच फूट डालने से वैश्विक व्यवस्था को चुनौती देने वाले देशों को बढ़त मिलती है। कैलास ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा का मुद्दा NATO के भीतर ही हल किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि टैरिफ लगाने से न केवल यूरोप और अमेरिका की आर्थिक समृद्धि कमजोर होगी, बल्कि ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में भी दरार आएगी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की धमकियों को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि फ्रांस संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है, और ना तो ग्रीनलैंड, ना यूक्रेन, ना किसी अन्य क्षेत्र में धमकी या दबाव से प्रभावित होगा। मैक्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि टैरिफ धमकियां लागू की गईं, तो यूरोपीय देश मिलकर समन्वित प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने फ्रांस के ग्रीनलैंड में डेनमार्क के साथ सुरक्षा अभ्यास में शामिल होने को आर्कटिक और यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा से जोड़कर देखा।
वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी ट्रंप की धमकियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और उसका भविष्य केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के निर्णय पर निर्भर करता है। उन्होंने जोर दिया कि आर्कटिक की सुरक्षा NATO के सहयोगियों के लिए महत्वपूर्ण है और रूस के खतरे से निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। NATO सहयोगियों पर टैरिफ लगाना पूरी तरह गलत है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि डेनमार्क, नार्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स और फिनलैंड पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। अगर ग्रीनलैंड को लेकर कोई समझौता नहीं होता, तो 1 जून 2026 से यह बढ़ाकर 25 फीसदी किया जाएगा। ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका ने वर्षों तक यूरोप को सब्सिडी दी है और अब डेनमार्क को इसका मूल्य चुकाना चाहिए, क्योंकि दुनिया की शांति दांव पर है। उन्होंने चेताया कि चीन और रूस ग्रीनलैंड चाहते हैं, जबकि डेनमार्क के पास सुरक्षा के लिए सीमित साधन हैं।