डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया )  
विदेश

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, खाड़ी देशों की अपील पर टाले अमेरिकी हमले; क्या खत्म होगी 5 महीने की जंग?

Trump Claims Pausing Iran Strikes: ट्रंप का दावा है कि ईरान और खाड़ी देशों के अनुरोध पर अमेरिकी हमले टाल दिए गए हैं। समझौते के तहत होर्मुज को खोलने और परमाणु खतरा खत्म करने पर सहमति बनी है। 

अमन उपाध्याय

Trump Claims Pausing Iran Strikes Due to Gulf Countries: मध्य-पूर्व में पिछले पांच महीनों से जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान पर होने वाले नए अमेरिकी हमलों को फिलहाल रोक दिया है।

ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला खाड़ी देशों और खुद ईरान के विशेष अनुरोध पर लिया गया है। इस घोषणा के बाद दुनिया भर में यह उम्मीद जगी है कि क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब शांति की ओर बढ़ सकता है।

समझौते की शर्तों पर बनी सहमति

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते के मापदंडों पर प्राथमिक सहमति बन गई है। इस प्रस्तावित डील के दो सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं पहला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तत्काल और बिना किसी प्रतिबंध के अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए खोलना और दूसरा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े खतरों को पूरी तरह समाप्त करना। ट्रंप ने कहा है कि हमलों पर यह रोक तभी तक प्रभावी रहेगी जब तक इस समझौते को तेजी से अंतिम रूप दिया जाता है।

कूटनीतिक हलचल तेज

ट्रंप के इस बड़े दावे के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने शनिवार को ट्रंप से फोन पर बात की और ईरान को लेकर अमेरिका की भविष्य की योजनाओं पर अपनी चिंता जताई।

दूसरी तरफ, इजरायल भी इस समझौते को सफल बनाने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने पर सहमत हो गया है, हालांकि इजरायली सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

ईरान का सख्त रुख

भले ही समझौते की बातें चल रही हैं, लेकिन ईरान अभी भी रक्षात्मक मुद्रा में है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के उच्चाधिकारियों से संवाद कर स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई भी साहसिक कार्रवाई होती है, तो ईरान उसका निर्णायक जवाब देगा।

इस बीच, ईरान समर्थक मीडिया संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर आंच आई, तो वे सऊदी अरब, यूएई, कतर और इजरायल के तेल व गैस क्षेत्रों को निशाना बना सकते हैं।

शांति की उम्मीद या केवल चुनावी दांव?

विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। पांच महीने से जारी इस संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। अब देखना यह होगा कि क्या यह 'डील' वास्तव में धरातल पर उतर पाती है या फिर मध्य-पूर्व के देशों की धड़कनें इसी तरह बढ़ी रहेंगी।

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