इस्माइल कानी 
विदेश

Iran Israel War: शीर्ष ईरानी कमांडर कानी निकला भेदी, इजराइली एजेंट होने के शक में गिरफ्तार, पूछताछ के दौरान हार्ट अटैक

ईरान की इलीट फोर्स रिवोल्यूशनरी गार्ड का‌र्प्स के अंतर्गत कार्य करने वाली कुद्स फोर्स के चीफ कमांडर इस्माइल कानी को इजरायल का जासूस होने के शक में गिरफ्तार किया गया है। कानी कई दिन से लापता थे। इसके बाद इस्माइल कानी के गिरफ्तार होने की जानकारी शुक्रवार को सामने आई।

साक्षी सिंह

नई दिल्ली: ईरान की इलीट फोर्स रिवोल्यूशनरी गार्ड का‌र्प्स के अंतर्गत कार्य करने वाली कुद्स फोर्स के शीर्ष कमांडर इस्माइल कानी को इजरायल का जासूस होने के शक में गिरफ्तार किया गया है। कानी कई दिन से लापता थे। इसके बाद इस्माइल कानी के गिरफ्तार होने की जानकारी शुक्रवार को सामने आई। शक के आधार पर पूछताछ के दोरान कानी को दिल का दौरा पड़ गया। हालांकि अस्पताल में भर्ती हैं, इलाज चल रहा है।

कानी सितंबर महीने के अंत में लेबनान की राजधानी बेरूत की यात्रा पर थे। उसी दौरान 27 सितंबर को हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरुल्ला, उसके कई कमांडरों और रिवोल्यूशनरी गार्ड के उप प्रमुख की इजराइल के हवाई हमले में मौत हुई थी। इजराइल के इस कार्रवाई के पीछे सीधा कानी का हाथ होने का शक माना जा रहा है।

ऐसे जुड़े शक के तार

शक है कि इजरायल को नसरुल्ला की मौजूदगी का सुराग कानी ने दिया था। नसरुल्ला की मौत के बाद उसके उत्तराधिकारी माने जा रहे हाशेम सेफेद्दीन के साथ अक्टूबर के शुरुआती दिनों में कानी की बैठक होनी थी, लेकिन कानी उस बैठक में शामिल नहीं हुए। बल्कि जिस भवन में बैठक होनी थी उस पर इजराइली सैनिकों ने हमला कर दिया। जिसके कई दिन बाद सेफेद्दीन के मारे जाने की इजरायल ने पुष्टि कर दी।

ईरानी एजेंसियों का शक पक्का

हमले के समय इस्माइल कानी को भी सेफेद्दीन के साथ होना था, इसलिए उनके भी मारे जाने की चर्चा तेजी से उड़ी लेकिन उन्हें बेरूत में जिंदा पाया गया। इसी के बाद ईरानी एजेंसियों का शक पक्का हो गया। कानी को बेरूत में ही हिजबुल्ला के सहयोग से गिरफ्तार किया गया या उन्हें ईरान बुलाकर हिरासत में लिया गया, यह अभी निश्चित नहीं हो पाया है लेकिन इस समय वह ईरानी एजेंसियों की गिरफ्त में हैं।

इस्माइल हानिया के मौत पर भी कानी पर शक

तेहरान में हमास प्रमुख इस्माइल हानिया के मारे जाने में इस्माइल कानी का हाथ हो सकता है। क्योंकि हानिया के ठहरने के गुप्त ठिकाने की जानकारी बहुत कम लोगों को थी। चूंकि कानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष अधिकारी थे, इसलिए उनके पास हानिया की पूरी जानकारी होना सामान्य बात थी। इसलिए माना जा रहा है कि कानी की सूचना पर इजरायल ने ईरान में मौजूद अपने एजेंटों के जरिये हानिया की हत्या करवा दी।

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