डोनाल्ड ट्रंप, (डिजाइन फोटो) 
विदेश

टैरिफ हटते ही टूट जाएगा भारत-पाकिस्तान सीजफायर! ट्रंप सरकार की कोर्ट में दलील सुन दंग रह जाएंगे आप

ट्रंप प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर मामले को अमेरिकी अदालत में एक महत्वपूर्ण दावे के रूप में प्रस्तुत किया है। प्रशासन का कहना है कि इस विवाद का संबंध टैरिफ से जुड़ा हुआ है।

अमन उपाध्याय

वांशिगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर यह कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब, ट्रंप प्रशासन ने इसी दावे को अदालत में भी दोहराया है। प्रशासन ने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत में यह तर्क प्रस्तुत किया कि अगर टैरिफ से संबंधित नियमों का पालन नहीं किया गया, तो भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ सीजफायर खतरे में पड़ सकता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने अपने टैरिफ फैसले का बचाव करते हुए अमेरिकी अदालत में यह तर्क दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति बहाल करने के उद्देश्य से टैरिफ नीति अपनाई गई थी। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने 23 मई, 2025 को न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत में दायर एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को शांत करने के लिए अपने टैरिफ अधिकारों का उपयोग किया था।

संवैधानिक अधिकारों की सीमाओं का उल्लंघन

जिसके बाद अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ को लागू करने पर रोक लगाते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ने टैरिफ लगाने के मामले में अपने संवैधानिक अधिकारों की सीमाओं का उल्लंघन किया है। ट्रंप प्रशासन ने यह टैरिफ उन देशों पर लगाने की योजना बनाई थी, जो अमेरिका को उससे अधिक निर्यात करते हैं। प्रशासन ने इस फैसले को IEEPA के तहत उचित ठहराया था। यह कानून राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल जैसी स्थितियों में असाधारण खतरों से निपटने के लिए आर्थिक उपाय करने का अधिकार देता है।

मैनहैटन की तीन जजों की कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने सभी दलीलों को अस्वीकार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रपति को असीमित अधिकार नहीं दिए हैं। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नियंत्रण का अधिकार संविधान के तहत केवल कांग्रेस को है, और इसे आपातकालीन शक्तियों के नाम पर राष्ट्रपति द्वारा नहीं लिया जा सकता।

सोशल मीडिया पर अदालत की आलोचना

कोर्ट के निर्णय के तुरंत बाद, ट्रंप प्रशासन ने फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्णय लिया। वाइट हाउस के उप प्रमुख स्टीफन मिलर ने इस फैसले को ‘न्यायिक तख्तापलट’ करार देते हुए सोशल मीडिया पर अदालत की आलोचना की।

खुद का श्रेय लेने में ट्रंप है माहिर

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार यह कहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव को एक व्यापार समझौते के जरिए सुलझाया है। ट्रंप ने कई मौकों पर इसका श्रेय खुद को दिया है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी थी। पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों को ड्रोन और मिसाइल से निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने उसके सभी हमलों को विफल कर दिया।

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