अहमद अल-शरा और व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)  
विदेश

4 महीने में दूसरा दौरा, आखिर क्यों बार-बार मास्को जा रहे हैं सीरियाई राष्ट्रपति? जानें पुतिन का क्या है प्लान

Syrian President Moscow Visit: सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा अपनी दूसरी आधिकारिक यात्रा पर मास्को पहुंचे हैं। पुतिन के साथ उनकी इस मुलाकात में सीरिया में रूसी सैन्य उपस्थिति को लेकर चर्चा होगी।

अमन उपाध्याय

Ahmad al-Sharaa Russia Visit: सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा बुधवार, 28 जनवरी 2026 को एक आधिकारिक दौरे पर रूस की राजधानी मास्को पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, आपसी सहयोग बढ़ाने तथा क्षेत्र में हो रहे ताजा घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि पिछले चार महीनों के भीतर यह अल-शरा की दूसरी मास्को यात्रा है। इससे पहले वह अक्टूबर 2025 में भी रूस का दौरा कर चुके हैं। उनकी लगातार यात्राएं यह संकेत देती हैं कि सीरिया और रूस के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।

सरकारी टीवी चैनल पर सीधा प्रसारण

राष्ट्रपति अल-शरा के मास्को पहुंचने पर रूस के सरकारी टीवी चैनल पर उनके आगमन का सीधा प्रसारण किया। इस कवरेज को दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकी और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा भविष्य में दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा दे सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

रूसी सेना की मौजूदगी पर चर्चा

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट किया कि वार्ता के मुख्य एजेंडे में सीरिया में रूसी सशस्त्र बलों की मौजूदगी से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीरिया में नेतृत्व परिवर्तन के बाद से मास्को और दमिश्क के बीच सहयोग सक्रिय रूप से विकसित हो रहा है। इसके अलावा, पुतिन और शरा के बीच सीरिया की संक्रमणकालीन अवधि और मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित करने की योजना है।

संवेदनशील मुद्दों पर क्रेमलिन की चुप्पी

बैठक के दौरान कुछ विवादास्पद मीडिया रिपोर्टों पर भी सवाल उठे। जब पेसकोव से पूर्व सीरियाई नेता बशर अल-असद के प्रत्यर्पण को लेकर हो रही कथित बातचीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हम असद के मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। इसी तरह, कामिशली हवाई क्षेत्र से रूसी सेना की वापसी की खबरों पर उन्होंने इसे रक्षा मंत्रालय का विशेषाधिकार बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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