दमिश्क: सीरिया की राजधानी दमिश्क में रविवार को हुए एक भयानक आत्मघाती हमले ने दुनिया को हिला कर रख दिया। हमला ड्वेला क्षेत्र स्थित मार एलियास चर्च में हुआ, जहां संडे मास के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर ने पहले चर्च के बाहर गोलीबारी की और फिर चर्च के भीतर घुसकर खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। तस्वीरों में चर्च के भीतर खून के धब्बे, टूटी मूर्तियां और बिखरा सामान देखा गया। चर्च के अंदर मौजूद एक पादरी ने बताया कि ब्लास्ट के समय करीब 400 लोग प्रार्थना कर रहे थे, जिससे यह हमला और भी भयावह बन गया।
ISIS का हाथ होने का संदेह, जांच जारी सीरिया के गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि इस हमले के पीछे आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का हाथ होने की आशंका है। मंत्रालय के अनुसार, एक आत्मघाती हमलावर ने चर्च में घुसने से पहले गोलीबारी की और फिर विस्फोटक जैकेट से खुद को उड़ा लिया। हालांकि अब तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
सीरिया में वर्षों से आतंकवाद और गृह युद्ध की समस्या बनी हुई है, लेकिन राजधानी दमिश्क में इस प्रकार का आत्मघाती हमला लंबे समय बाद हुआ है। इससे पहले यहां सुरक्षा को लेकर कुछ हद तक स्थिरता देखी गई थी। इस घटना ने फिर से इस चिंता को जन्म दिया है कि आतंकी स्लीपर सेल्स एक बार फिर सक्रिय हो सकते हैं।
पादरी ने सुनाई आंखों देखी, बोले- 'दो हमलावर घुसे और विस्फोट कर दिया'
चर्च के एक पादरी ने रॉयटर्स को बताया कि घटना के समय वह चर्च के अंदर मौजूद थे। उन्होंने कहा, "पहले बाहर गोलियों की आवाज आई, फिर दो लोग चर्च के अंदर घुसे और खुद को उड़ा लिया। सब कुछ कुछ ही मिनटों में हो गया। लोग जान बचाकर इधर-उधर भागे।" धमाके से चर्च की छत का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
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पादरी की इस गवाही ने हमले की भयावहता को और गहरा कर दिया है। फिलहाल पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और जांच एजेंसियां आतंकियों की पहचान और उनके नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी हैं। दमिश्क के मार एलियास चर्च में हुए इस हमले ने सीरिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।