Sudan Gold Mining Disaster: गृहयुद्ध की मार झेल रहे अफ्रीकी देश सूडान में एक और बड़ा हादसा सामने आया है। पूर्वोत्तर सूडान के लाल सागर राज्य स्थित ओनी इलाके में एक सोने की खदान की शाफ्ट अचानक ढह गई, जिससे कम से कम 11 खनिकों की मौत हो गई और 30 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
अधिकारियों के अनुसार मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। यह एक सप्ताह के भीतर सूडान में खदान धंसने की दूसरी बड़ी घटना है, जिसने देश में खनन सुरक्षा और गृहयुद्ध के बीच बिगड़ती मानवीय स्थिति पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्वोत्तर सूडान के लाल सागर राज्य के ओनी इलाके में सोने की खदान ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अब भी कई खनिक फंसे हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
स्थानीय कर्मचारी अब्दुलहाय खरीफ अबाकार के अनुसार, खदान शनिवार रात से ही धंसने लगी थी। वहीं, सूडानी मिनरल रिसोर्सेज कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं और 30 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।
सूडान में सोने की खदान धंसने का यह एक सप्ताह के भीतर दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले पिछले रविवार पश्चिमी सूडान में खदानों की एक श्रृंखला ढह गई थी, जिसमें 82 लोगों की मौत हो गई थी।
यह इलाका पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) के नियंत्रण में है। RSF और सूडानी सेना के बीच पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से जारी संघर्ष के कारण इस क्षेत्र में सुरक्षा और राहत कार्य लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
सूडान अफ्रीका के प्रमुख सोना उत्पादक देशों में शामिल है, जहां बड़े पैमाने पर सोने का खनन होता है। हालांकि, देशभर में हजारों अनौपचारिक और छोटी खदानें संचालित होती हैं, जिनमें सुरक्षा मानकों का पालन अक्सर पर्याप्त नहीं होता।
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर सुरक्षा व्यवस्था और असंगठित खनन के कारण इन खदानों में समय-समय पर धंसने जैसी घातक दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मजदूरों की जान चली जाती है।
अप्रैल 2023 में सूडानी सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) के बीच शुरू हुआ संघर्ष अब लंबे गृहयुद्ध में बदल चुका है। इस युद्ध ने देश की अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और आम नागरिकों के जीवन पर गहरा असर डाला है।
संघर्ष पर नजर रखने वाले आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा (ACLED) के अनुसार, इस गृहयुद्ध में अब तक कम से कम 59,000 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सूडान से बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी हो रही है और इस अवैध कारोबार से मिलने वाले धन का इस्तेमाल कथित तौर पर RSF के युद्ध अभियानों को वित्तीय सहायता देने में किया जा रहा है।