नई दिल्ली: एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुश विलमोर के बिना उनको स्पेस स्टेशन ले जाने वाला स्पेस क्राफ्ट आज 3 महीने बाद धरती पर सुरक्षित लैंड हो गया है। अब से कुछ देर पहले 3 बड़े पैराशूट और एयरबैग की मदद से इसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई है।
यह स्पेस क्राफ्ट भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से अलग हुआ था। वहीं सुबह ठीक 9 बजकर 32 मिनट पर अमेरिकी प्रांत न्यू मैक्सिको के व्हॉइट सैंड स्पेस हॉर्बर (रेगिस्तान) में आज लैंड हुआ।
इस बाबत नासा ने जानकारी दी कि स्टारलाइनर (स्पेस क्राफ्ट) ने आज सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया था। प्रवेश करने के बाद इसकी गति करीब 2,735 किमी प्रति घंटा हो गई थी। वहीं लैंड होने से ठीक 3 मिनट पहले सुरक्षा के लीए स्पेसक्राफ्ट के 3 पैराशूट भी खुल गए थे।
जानकारी दें कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बीते बुधवार को कहा था कि बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल के शुक्रवार शाम को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापसी की सारी तैयारियां सही दिशा में हैं। पूरी तरह से स्वचालित इस कैप्सूल के छह घंटे बाद न्यू मैक्सिको के ‘व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज' में उतरने की उम्मीद है।
यहां पढ़ें - झारखंड: रांची में आज BJP की महत्वपूर्ण बैठक
वहीं नासा के जो दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर स्टारलाइनर से गए थे वे फिलहाल नहीं लौटेंगे और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर ही रहेंगे। उन्हें अब आगामी फरवरी 2024 में स्पेसएक्स की उड़ान से वापस लाया जाएगा। ये अंतरिक्ष यात्री एक सप्ताह की परीक्षण उड़ान पर गए थे लेकिन कैप्सूल के थ्रस्टर में समस्या और हीलियम लीक के कारण उनकी वापसी में देरी हो रही है।
पता हा कि बोइंग कंपनी NASA के साथ मिलकर यह स्पेस क्राफ्ट बनाया है। बीते 5 जून को इससे सुनीता और बुच को ISS पर भेजा गया था। यह सिर्फ 8 दिन का मिशन था। लेकिन तकनीकी दिक्कत के कारण इसकी वापसी टालनी पड़ी थी। अब यह स्पेसक्राफ्ट बिना क्रू के पृथ्वी पर वापस लौटा है।
स्टारलाइनर की लैंडिंग के बाद नासा और बोइंग की टीम इसे वापस असेंबली यूनिट में लेकर जाने वाली है। वहां पर उसकी जांच होगी कि स्टारलाइन के प्रोपल्शन सिस्टम में क्यों खराबी आई और किस वजह से हीलियम लीक हुई।
इसके पहले नासा ने यह कहा था कि इंजीनियर ‘स्टारलाइनर थ्रस्टर' के लिए एक नए कंप्यूटर मॉडल का आकलन कर रहे हैं। वहीं बोइंग ने अगस्त महीने की शुरुआत में कहा था कि अंतरिक्ष और जमीन पर ‘थ्रस्टर' के व्यापक परीक्षण से पता चला है कि स्टारलाइनर अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने में सक्षम है। यह बोइंग की पहली परीक्षण उड़ान थी जिसमें चालक दल सवार था। ‘स्पेस शटल' के सेवा से हटने के बाद नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों की अंतरिक्ष स्टेशन पर आवाजाही का काम बोइंग और स्पेसएक्स को सौंपा है।