Spain Ceuta Migrant Crisis News In Hindi: स्पेन के उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा में जारी भीषण प्रवासी संकट के बीच स्पेनिश सरकार ने सीमा नियंत्रण को और सख्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को स्पेन ने स्यूटा की समुद्री सीमा पर एक फ्लोटिंग समुद्री बैरियर तैनात किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समुद्र के रास्ते होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकना है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, स्यूटा के ताराजल बीच के पास यह फ्लोटिंग बैरियर अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में हजारों की संख्या में प्रवासी तैरकर या छोटी नावों के जरिए इस इलाके में दाखिल हुए थे।
इस बैरियर के लगने से अवैध तरीके से सीमा पार करने की कोशिश करने वालों पर लगाम लगेगी। हालांकि, प्रवासियों के आने की रफ्तार में अब कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी हाई अलर्ट पर है।
स्यूटा में स्थिति मानवीय रूप से काफी संवेदनशील बनी हुई है। स्पेनिश अधिकारियों ने रविवार को पुष्टि की कि इस संकट से जुड़ी आधिकारिक मृतकों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है। वहीं, स्यूटा की क्षेत्रीय सरकार के आंकड़े और भी डरावने हैं।
क्षेत्रीय प्रशासन के मुताबिक, शहर के मुर्दाघर में फिलहाल 88 शव रखे गए हैं, जिनमें से कई शव प्रवासियों की भारी आमद के दो हफ्ते बाद समुद्र से निकाले गए हैं। फिलहाल इन मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
शहर में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए पुलिस के साथ-साथ सैन्य कर्मियों को भी तैनात किया गया है। रविवार को भी पूरे शहर में सुरक्षा अभियान चलाया गया, जिसके तहत सड़कों पर मिले प्रवासियों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए इन लोगों को पहचान की प्रक्रिया के लिए पहले पुलिस थानों ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें उनके देशों में वापस भेजने की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
इस संकट ने पूरे यूरोप में प्रवासन प्रबंधन और सुरक्षा नीतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस स्थिति पर चर्चा के लिए 4 अगस्त को यूरोपीय संघ (EU) के गृह मंत्रियों की एक आपात बैठक बुलाई गई है। यह बैठक इटली और डेनमार्क के नेतृत्व में 22 यूरोपीय देशों द्वारा भेजे गए एक पत्र के बाद आयोजित की जा रही है।
दिलचस्प बात यह है कि स्पेन के पड़ोसी देशों फ्रांस और पुर्तगाल ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि अवैध प्रवासन से निपटने के लिए पूरे यूरोप की एकजुट प्रतिक्रिया जरूरी है।