ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित हजारों प्रदर्शनकारी आज प्रधानामंत्री आवास में घुस गए। बेकाबू हुई देश की हिंसा प्रदर्शन को देखते हुए पीएम शेख हसीना ढाका छोड़ दी हैं। वहीं रॉयटर्स रिपोर्ट की मानें तो बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। देश को अंतरिम सरकार चलाएगी
रॉयटर्स के मुताबिक बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकर-उज-जमान ने कहा कि देश में कर्फ़्यू या किसी आपातकाल की ज़रूरत नहीं है। आज रात तक संकट का समाधान निकाल लिया जाएगा। हम देश में शांति वापस लाएंगे। हम नागरिकों से हिंसा रोकने के लिए कहते हैं। हम पिछले कुछ हफ्तों में हुई सभी हत्याओं की जांच करेंगे
पीएम आवास में घुसे प्रदर्शनकारी
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी, जिन्होंने नाम न बताने का अनुरोध करते हुए ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि हिंसा भड़कने के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ढाका में आधिकारिक निवास छोड़ दिया। वह वर्तमान में कहां हैं, यह अज्ञात है। ढाका में स्थिति अत्यधिक संवेदनशील है, और प्रधानमंत्री का निवास भीड़ द्वारा घेर लिया गया है।
ढाका छोड़ कहां गईं शेख हसीना
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी बहन ने देश छोड़ दिया है। वह एक सुरक्षित जगह' पर चली गई हैं। बीबीसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख हसीना भारत के त्रिपुरा राज्य की राजधानी अगरतला की तरफ रवाना हुई हैं।
क्या है बवाल की असली वजह
पिछले दो दिन से पहले बांग्लादेश में जुलाई महीने से ही छात्र आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि देश में ज्यादातर बड़े सरकारी नौकरी में मौजूद आरक्षण को खत्म किया जाए। छात्रों के आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार ने कुछ कोटे को कम जरूर किया है। लेकिन लगातार जारी हिंसा के बीच छात्र प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे।
करीब 300 लोगों की मौत
जब से बांग्लादेश में छात्रों के हिंसक आंदोलन शुरू हुए तब से अब तक प्रदर्शन में करीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है। इस आंदोलन पर काबू पाने के लिए पिछले महीने ही सरकार ने सेना को बुलाया था। रविवार से छात्रों ने सविनय अवज्ञा आंदोलन की अपील कर रखी थी। खबरों की मानें तो आंदोलनकारी प्रधानमंत्री शेख हसीना के सरकारी आवास पर पत्थरबाजी कर रहे हैं।
दबाव में थी सरकार
बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के ढाका में आधिकारिक निवास छोड़ने की खबरों पर, बांग्लादेश में पूर्व भारतीय उच्चायुक्त पिनाक रंजन चक्रवर्ती ने कहा कि यह दबाव और प्रदर्शन बढ़ रहे थे। स्पष्ट रूप से, वहां की सरकार दबाव में थी। अगर यह सच है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, तो उस देश में सेना जो एक शक्तिशाली संस्था है, ने किसी तरह से हस्तक्षेप किया होगा और उन्हें बताया होगा कि हालात खराब हैं।यह बांग्लादेश में एक बड़ी घटना है और हम वहां एक नई तरह की सरकार देखेंगे। हम अस्थिरता के दौर की ओर देख सकते हैं जो देश के लिए बुरा है। यह क्षेत्र के लिए भी अच्छा नहीं है। भारत देख रहा है कि क्या होने वाला है।