शेख हसीना को लेकर हलचल तेज, (डिजाइन फोटो) 
विदेश

सजा-ए-मौत के बाद अब नई कार्रवाई! शेख हसीना को लेकर बांग्लादेश की बड़ी चाल, भारत में हलचल तेज

Sheikh Hasina verdict: बांग्लादेश की ICT कोर्ट द्वारा शेख हसीना को मौत की सजा देने के बाद अंतरिम सरकार ने भारत से प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज कर दी हैं। कानूनी, कूटनीतिक और इंटरपोल तीनों मोर्चों पर...

अमन उपाध्याय

Hasina Extradition India:  बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को कथित मानवाधिकार उल्लंघन और गोलीबारी के मामलों में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देश की राजनीति और कूटनीति में भारी उथल-पुथल मच गई है। फैसले के तुरंत बाद ही अंतरिम सरकार ने शेख हसीना को भारत से प्रत्यर्पित करवाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

हसीना वर्तमान में दिल्ली में मौजूद हैं, और इसी वजह से ढाका की सरकार ने भारत पर सीधे तौर पर तीन मोर्चों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कानूनी पत्राचार, कूटनीतिक दखल, और इंटरपोल प्रक्रिया।

भारत को दोबारा पत्र

ICT के फैसले के कुछ ही समय बाद बांग्लादेश के कानूनी सलाहकार प्रोफेसर आसिफ नज़रुल ने घोषणा की कि वे भारत को हसीना के प्रत्यर्पण के लिए दोबारा चिट्ठी लिखेंगे। उनकी घोषणा के थोड़ी ही देर बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से भारत को विस्तृत पत्र भेजा। पत्र में ICT के फैसले को कानूनी आधार बताते हुए शेख हसीना की तत्काल वापसी की मांग उठाई गई। प्रोफेसर नजरुल ने कहा कि अगर भारत "सामूहिक हत्याओं के आरोपी" को शरण देता है, तो इसे बांग्लादेश और उसके नागरिकों के ख़िलाफ शत्रुतापूर्ण रुख माना जाएगा। नजरुल, जो ढाका विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित प्रोफेसर और अगस्त 2024 से अंतरिम सरकार में कानूनी सलाहकार हैं, इस मुद्दे को लेकर बेहद आक्रामक रुख में दिख रहे हैं।

इंटरपोल मोर्चा: रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी

बांग्लादेश इंटरपोल के जरिए भी शेख हसीना की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा। इसके लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर पहले विचार करना पड़ेगा।

हालांकि भारत में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी संविधान और कानून में निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जा सकती है। शेख हसीना को हिरासत में लेना या उन्हें बांग्लादेश भेजना है या नहीं इस पर अंतिम फैसला भारत सरकार ही करती है। यह पूरी प्रक्रिया न्यायालय की अनुमति पर निर्भर होती है। उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बिना, सिर्फ इंटरपोल के नोटिस के आधार पर भारत किसी को सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकता।

NSA स्तर पर दबाव

अगले सप्ताह दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और उनके बांग्लादेशी समकक्ष खलीलुर रहमान की महत्वपूर्ण मुलाकात होने जा रही है। रहमान कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं, लेकिन इस दौरे के दौरान वे NSA डोभाल के सामने शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा जरूर उठाएंगे।

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